हिमाचल के इतिहास में पहली बार पंचायतों में नियुक्त होंगे प्रशासक : जयराम
punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 06:30 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार 1 फरवरी से प्रशासक नियुक्त हो जाएंगे। ऐसे में पंचायत प्रधान की मोहरों व हस्ताक्षर के कोई मायने नहीं रह जाएंगे। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि 30,000 से ज्यादा चुने हुए जनप्रतिनिधि पहली बार प्रभावहीन हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि पहली बार 30 जनवरी तक मतदाता सूची प्रकाशन की तिथि का काम अधूरा रह गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार झूठ बोलकर महात्मा गांधी के पंचायती राज व ग्राम स्वराज के सपने का गला घोंट रही है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ दोहरे मानदंडों को दर्शाता है, बल्कि जनहित और जन सरोकारों से दूर होती राज्य सरकार की हकीकत भी देश के सामने रखती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और पूरी सरकार के लोग हमेशा ही चुनाव को समय पर करवाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन 31 जनवरी को ग्राम पंचायत तथा तमाम स्थानीय निकायों के कार्यकाल के पूरा होने के कारण उनमें सरकार की तरफ से प्रशासक नियुक्त किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हर बार के झूठ की तरह यह झूठ भी बेनकाब होने में ज्यादा समय नहीं लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इसके लिए आपदा प्रबंधन कानून का सहारा लिया, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उसे पंचायत चुनाव करवाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों के बाद सरकार की यह गंभीरता सच में हैरत में डालती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मनमानी के पीछे मुख्यमंत्री की वह टिप्पणी भी है कि जो पंचायत चुनाव करवाने के आदेश देने के बाद न्यायालय पर की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता को छोड़कर अपने संवैधानिक कर्त्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त, दिन-दिहाड़े चल रहीं गोलियां
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है तथा दिन-दिहाड़े गोलियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि बद्दी में एस.पी. आवास से 5 किलोमीटर दूर दिन-दिहाड़े गोलियां चली हैं, जो पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया को संरक्षण देने से सरकार कलंकित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में शराब माफिया, खनन माफिया, वन माफिया, स्क्रैप माफिया, इंडस्ट्री माफिया और नशा माफिया के अलावा कई तरह का माफिया राज पनप रहा है।

