Shimla: HRTC कर्मचारियों के कार्ड अलग, हिम कार्ड से संबंधित नहीं : मुकेश अग्निहोत्री

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 06:46 PM (IST)

शिमला (राजेश): एचआरटीसी कर्मचारियों के हिम बस कार्ड बनाए जाने को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्थिति स्पष्ट की है। मंगलवार को सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी कर्मचारियों के लिए पहले से जो व्यवस्था चल रही है, वही व्यवस्था चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हिम बस कार्ड उनकी यात्रा से संबंधित नहीं हैं। कर्मचारियों के नए कार्ड नई मॉडर्न टैक्नोलॉजी के तहत बनाए जा रहे हैं। निगम के कर्मचारियों को पहले भी पहचान पत्र कार्ड बनाए जाते हैं लेकिन उन कार्ड को नई तकनीकी के साथ अपग्रेड किया जा रहा है और नई तकनीकी से जोड़ा और कार्ड को इम्प्रूव किया जा रहा है। वहीं पुलिस कर्मचारियों के बनाए जा रहे हिम बस कार्ड को लेकर उन्होंने कहा कि वह निगम प्रबंधन से इस बारे में पता करेंगेे और स्थिति स्पष्ट करें। पुलिस कर्मियों से जुड़े मामलों की अलग से जांच की जाएगी।

13.28 करोड़ से होगी शिमला व मंडी वर्कशॉप की मुरम्मत
एचआरटीसी की शिमला व मंडी वर्कशाॅप की मुरम्मत होगी। निगम प्रबंधन ने इसके लिए 13.28 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। बस अड्डों की मुरम्मत को 6.2 करोड़ जारी किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निगम ने जयसिंहपुर, बिलासपुर के मंडी-भराड़ी, फतेहपुर में बस अड्डे का निर्माण और चम्बा में व्यावसायिक परिसर व कार पार्किंग के निर्माण के लिए टैंडर जारी कर दिया है। इसी तरह हरोली में आटोमैटिक टैस्टिंग स्टेशन पीपीपी मोड पर बनेगा। इसकी भी मंजूरी दे दी है। अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के बेड़े में 297 ई-बसें शामिल होने जा रही हैं। इसके लिए प्रदेश में 34 स्थानों पर ई-चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं, जबकि 16 चार्जिंग स्टेशन कंपनी ने लगा दिए हैं।

एचआरटीसी को केवल घाटे-मुनाफे से देखना गलत
एचआरटीसी के घाटे को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केवल घाटे के आधार पर एचआरटीसी को आंकना सही नहीं है। वहीं उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को केवल घाटे-मुनाफे से देखना गलत है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को अस्तित्व में आए 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं और जनता का इसके साथ भावनात्मक रिश्ता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एचआरटीसी के लिए सरकार से जो भी धन आता है, वह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। यह संस्था व्यावसायिक नहीं, बल्कि जनहित में काम करने वाला उपक्रम है।

यह आरोप गलत कि हरिपुरधार में एचआरटीसी के रूट बंद
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह आरोप गलत है कि हरिपुरधार में एचआरटीसी के रूट बंद किए गए हैं। हरिपुरधार वाले मार्ग पर नियमित बस नहीं चलती थी। उन्होंने कहा कि उस दिन मेला होने के कारण यात्री उस बस में सवार हुए। ऐसे अवसरों पर स्पैशल बस की मांग की जानी चाहिए।

हरिपुरधार बस हादसे में जांच के आदेश, मेलों के लिए चलेंगी विशेष बसें
सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए बस हादसे पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के आदेश जारी किए हैं। बस में 82 यात्री सवार थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वहां मेला था, इसलिए ज्यादा रश था। वहां पर कोई रूट एचआरटीसी का बंद नहीं हुआ है। सड़क पर पाला होने से बस के स्किड होने की संभावना भी है। जांच के बाद स्थिति साफ होगी। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए जाएंगे कि यदि उनके जिले में कोई मेला या त्यौहार है और ज्यादा लोग आएंगे तो विशेष बसों का प्रस्ताव भेजें। मेलों के लिए एचआरटीसी अतिरिक्त बसें चलाने को तैयार है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 148 ब्लैक स्पाॅट चिन्हित किए गए थे। इन्हें ठीक किया जा रहा है। बीते रोज रोड सेफ्टी की बैठक की है। ब्लैक स्पाॅट दुरुस्त करने के लिए केंद्र से भी मामला उठाया जाएगा।

3 महीनों में निगम के बेड़े से बाहर होंगी 500 बसें
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निगम के बेड़े में शामिल कम माइलेज देने वाली करीब 500 बसों को बेड़े से बाहर कर दिया जाएगा। औसतन 15 साल या 9 लाख किलोमीटर चल चुकी बसों को हटाना जरूरी होता है। जब तक 300 इलैक्ट्रिक बसें और 250 मिनी बसें नहीं आ जातीं, तब तक पुरानी बसों को पूरी तरह हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जेएनएनयूआरएम की बसों की माइलेज 2 किलोमीटर है। यह निगम के घाटे का बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि बसों का सिंगल टैंडर ही आ रहा है। दोबारा टैंडर निकालना पड़ रहा है।

 


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Kuldeep

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