Shimla: बिजली बोर्ड में 6500 फील्ड कर्मचारियों के पद खाली, कैसे चलेगी बिजली व्यवस्था
punjabkesari.in Sunday, Jun 07, 2026 - 06:57 PM (IST)
शिमला (राजेश): बिजली बोर्ड में 6500 के करीब फील्ड कर्मचारियों की कमी खल रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतने पद खाली होने के चलते प्रदेश में कैसे बिजली व्यवस्था चल रही है और आगे बरसात का महीना है, कैसे बिजली व्यवस्था चलेगी। बिजली कर्मचारियों की कमी के चलते मौजूदा समय में फील्ड तकनीकी कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, नतीजन लाइनों पर कर्मचारियों की मौतें हो रही हैं। बिजली फील्ड कर्मचारियों की कमी को राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने संकट करार दिया है और गहरी चिंता व्यक्त की है।
बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को लेकर राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के 30 लाख उपभोक्ताओं को सुचारू विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए विद्युत बोर्ड में कुल स्वीकृत संख्या का केवल 40 फीसदी तकनीकी कर्मचारी ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश में करीब 6500 तकनीकी कर्मचारियों की कमी है। स्टाफ की इस अत्यधिक कमी और कार्य की अधिकता के कारण पिछले 8 वर्षों में लगभग 150 घातक व अघातक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें करीब 55 तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है जबकि 100 से अधिक कर्मचारी आज भी शारीरिक रूप से अस्वस्थ व अपंग हैं।
बोर्ड के इन जोनों में इतने पद खाली
शिमला जोन के अंतर्गत रोहड़ू सर्कल, रामपुर सर्कल, शिमला सर्कल, सोलन सर्कल एवं नाहन सर्कल में टी-मेट 88, असिस्टैंट लाइनमैन 461 और लाइनमैन 213 के अनेक पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इसी तरह सैंट्रल जोन मंडी के तहत मंडी सर्कल एवं कुल्लू सर्कल में भी टी-मेट 471, ए.एल.एम. 267 एवं लाइनमैन के 80 पद खाली पड़े हैं। धर्मशाला जोन के तहत कांगड़ा सर्कल, धर्मशाला सर्कल एवं डल्हौजी सर्कल में भी बड़े पैमाने पर टी-मेेट 952, ए.एल.एम. 574 और लाइनमैन 259 के पद खाली चल रहे हैं। इसी तरह हमीरपुर जोन में ऊना सर्कल, बिलासपुर, हमीरपुर सर्किल में टी-मेट 548, असिस्टैंट लाइनमैन 332 और लाइनमैन के 164 पद रिक्त पड़े हैं। यही नहीं इलैक्ट्रीकल सिस्टम विंग के अनेक पद खाली हैं।
मुख्यमंत्री करें हस्तक्षेप, बोर्ड में की जाए तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती
विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ ने बोर्ड में घटती तकनीकी कर्मचारियों की संख्या व नई भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से मांग की है कि तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। बोर्ड में खाली पड़े सभी तकनीकी पदों पर अतिशीघ्र नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि फील्ड स्टाफ का बोझ कम हो और हादसों पर रोक लग सके। विद्युत बोर्ड में जो तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति से वंचित हैं उन्हें रिक्त पदों पर तुरंत पदोन्नति दी जाए। इसके साथ वर्तमान में वरिष्ठता में आ रही असमानता की विसंगति को खत्म किया जाए।
चेतावनी भी जारी
संघ ने बोर्ड प्रबंधन व सरकार को चेतावनी भी जारी की है कि यदि प्रबंधन और सरकार ने इन गंभीर मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो कर्मचारी संघ आगामी रणनीति तैयार करने पर मजबूर होगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व बोर्ड प्रबंधन की होगी।

