Shimla: सभी लंबित विकास कार्यों को 3 माह में पूरा करें विभाग: सुक्खू

punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 08:29 PM (IST)

शिमला (संतोष): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्रमुखता प्रदान की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे चहुंमुखी विकास से राज्य के सतत और समावेशी विकास को आंका जा सकता है। वह राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वीकृत विभिन्न क्षेत्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि सभी लंबित विकास कार्यों को अगले 3 महीनों के भीतर पूरा किया जाए।

बैठक के दौरान कई क्षेत्रीय कार्यों में धनराशि की स्वीकृति के उपरांत भी परियोजना के शुरू होने में विलंब अथवा इनकी धीमी गति पर समीक्षा की गई। इनमें पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना, एमपीएलएडी, विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना, लोकल एरिया डिवैल्पमैंट फंड, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना तथा अन्य विधायक वित्तपोषित योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, खंड विकास कार्यालय और पंचायतों सहित विभागों व स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि जो स्वीकृत कार्य रुके हुए हैं अथवा जिन कार्यों की प्रगति बहुत धीमी है, उन्हें तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई छोटे लेकिन आवश्यक कार्य जैसे हैंडपंपों की स्थापना, पैदल रास्तों, नालियों, सामुदायिक भवनों, रिटेनिंग वाल, फुट ब्रिज, सिंचाई नहरों, चारदीवारी और गांव की सड़कों आदि के निर्माण से संबंधित कार्य लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विकेंद्रित और आवश्यकता आधारित कार्य सीधे स्थानीय लोगों से जुड़े हुए होते हैं तथा ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

विवरण सांझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 11,064 क्षेत्रीय कार्य जिनकी लागत 204 करोड़ रुपए थी, शुरू ही नहीं किए गए थे, जबकि 348 करोड़ रुपए की लागत के 16,834 कार्य लंबे समय से निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने डी.सी. और फील्ड अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने और समयबद्ध ढंग से विकास कार्यों को पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे तथा इसकी रिपोर्ट सीधे उनके कार्यालय को देने के भी निर्देश थे।

योजना सचिव डा. अभिषेक जैन ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 11,064 कार्य शुरू नहीं हुए थे, जिनमें से 177 करोड़ रुपए के 9,689 कार्य अक्तूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच 3 महीनों के भीतर पूरे कर दिए गए हैं।


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Kuldeep

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