चार केसों में न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराया

punjabkesari.in Monday, Jul 04, 2022 - 09:46 PM (IST)

शिमला (राक्टा): यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम-2012 के तहत पुलिस स्टेशन कोटखाई, नालागढ़, जोगिंद्रनगर और महिला पुलिस स्टेशन सोलन थाना में दर्ज 4 मामलों में न्यायालय द्वारा निर्णय किया गया है। इसके तहत न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। प्रदेश पुलिस मुख्यालय की तरफ से सोमवार को जारी बयान में कहा गया है कि संबंधित चारों मामलों का न्यायालय द्वारा बीते सप्ताह निर्णय किया है। इसके तहत कोटखाई थाने के अंतर्गत वर्ष 2019 में आई.पी.एस. की धारा-376 और पोक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत दर्ज मामले में आरोपी प्रेम बहादुर (नेपाली) को 25 साल की कठोर कारावास और 25 हजाररु पए के जुर्माने के साथ दोषी ठहराया गया है।

इसी तरह वर्ष 2019 में महिला पुलिस स्टेशन सोलन में आई.पी.सी. की धारा-376 और पोक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दर्ज केस में आरोपी सूरज नेपाली के खिलाफ को 13 साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने के साथ दोषी ठहराया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2014 में थाना नालागढ़ में आई.पी.सी. की धारा-376 और पोक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत दर्ज केस में आरोपी नीरज को 7 साल की कैद और 5 हजार रुपए के जुर्माने का दोषी ठहराया गया है।

तुरंत पेशेवररूप से की गई जांच
पुलिस विभाग के अनुसार वर्ष 2021 में पुलिस स्टेशन जोगिंद्रनगर में आई.पी.सी. की धारा 354 व 351 तथा पोक्सो एक्ट की धारा-8 के तहत एक आरोपी को 7 साल की कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने का दोषी ठहराया गया है। विभाग के अनुसार उक्त मामलों का अन्वेषण जांच अधिकारियों द्वारा तुरंत और पेशेवररूप से किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी व्यक्तियों को न्यायालय ने दोषी ठहराया है।


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Kuldeep

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