Shimla: आचार संहिता के बीच ज्वाइनिंग व ट्रांसफर के लिए चुनाव आयोग के चक्कर काट रहे कर्मचारी

punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 09:38 PM (IST)

शिमला (भूपिन्द्र): प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के चलते लागू आदर्श आचार संहिता का असर अब कर्मचारियों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कई ऐसे कर्मचारी, जिनके तबादले 28 अप्रैल से पहले हो चुके थे और जो अपने पुराने स्थान से विधिवत रिलीव भी हो गए थे, अब नई तैनाती के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि इन कर्मचारियों को संबंधित विभागों द्वारा ज्वाइनिंग देने से पहले राज्य चुनाव आयोग की अनुमति लेने को कहा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल को राज्य में चुनाव प्रक्रिया के चलते आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके बाद प्रशासनिक कार्यों पर कई तरह की पाबंदियां लग गई हैं। नियमों के मुताबिक, आचार संहिता लागू होने के बाद बिना चुनाव आयोग की अनुमति के न तो तबादले किए जा सकते हैं और न ही नई जगह पर ज्वाइनिंग दी जा सकती है। हालांकि जिन कर्मचारियों के तबादले पहले हो चुके थे, वे यह उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें नई जगह पर आसानी से ज्वाइनिंग मिल जाएगी, लेकिन अब उन्हें भी अनुमति की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।

इस स्थिति के कारण प्रभावित कर्मचारी लगातार राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। दूसरी ओर आचार संहिता के बीच विकास कार्यों को लेकर भी विभागों ने चुनाव आयोग से अनुमति लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लोक निर्माण विभाग ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-4) के तहत टैंडर जारी करने के लिए आयोग से मंजूरी मांगी है। इस संबंध में विभाग की ओर से औपचारिक पत्र भी भेजा गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और सुधार कार्य समय पर शुरू किए जा सकें।

इसके अलावा प्रदेश में टारिंग के कार्यों को लेकर भी विशेष अनुमति मांगी गई थी। इस पर चुनाव आयोग ने राहत देते हुए टारिंग कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी है, क्योंकि प्रदेश में टारिंग का कार्य मौसम पर निर्भर करता है और इसके लिए समय बहुत सीमित होता है।


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Kuldeep

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