हिमाचल के दो जिलों में इस जंगली जानवर का आतंक, 6 लोगों की मौत, 93 घायल

punjabkesari.in Sunday, Sep 06, 2026 - 04:24 PM (IST)

शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में भालुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। राज्य के चम्बा व शिमला जिले भालुओं के आतंक से अधिक प्रभावित हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी भालुओं का आतंक है। भालू न केवल लोगों पर हमले कर रहे हैं, बल्कि लोगों की फसलों को भी तबाह कर रहे हैं। गत 3 वर्षों में भालुओं के आतंक से जिला चम्बा में कुल 35 लोग भालू हमलों में घायल हुए, जबकि 2 लोगों की मौत हुई। शिमला जिले में 34 लोग घायल और 2 लोगों की मौत हुई है। हालांकि प्रदेश में भालुओं के हमलों में कुल 93 लोग घायल हुए हैं, जबकि 6 लोगों की जान चली गई।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कांगड़ा में भालू हमलों से 3 लोग घायल और 2 की मौत हुई। मंडी में 6 लोग घायल हुए हैं, जबकि कुल्लू में 11 लोग भालू के हमलों का शिकार हुए। सोलन में 1, सिरमौर में 2 और किन्नौर में 1 व्यक्ति घायल हुआ है। हालांकि बिलासपुर, हमीरपुर तथा लाहौल-स्पीति में इस अवधि में भालू हमलों से घायल या मौत का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में कई जिलों में भालू हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। शिमला में इस वर्ष 15 लोग घायल हुए, जबकि चम्बा में 12, कुल्लू में 3, मंडी में 2, सोलन में 1, कांगड़ा में 1 और किन्नौर में 1 व्यक्ति भालू के हमले में घायल हुआ। वन विभाग द्वारा मानव जीवन की सुरक्षा के लिए भालू प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की जा रही है।

संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के लिए रैस्क्यू रिस्पांस टीमें गठित की गई हैं। वन क्षेत्रों में नियमित पैट्रोलिंग की जा रही है। रेंज, ब्लॉक और बीट स्तर के साथ पंचायत बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद भी लोगों को भालुओं के आतंक से निजात नहीं मिली है। भालु जहां लोगों पर हमला कर रहे हैं, वहीं किसानों व बागवानों की फसलों को भी तबाह कर रहे हैं। किसान व बागवान फसलों की तबाह होने की सूचना सरकारी विभाग को नहीं देते हैं।

भालू दिखे तो दूरी बनाए रखने की सलाह
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सलाह दी जा रही है कि भालू दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने या उसे उकसाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए गांवों में अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।


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Content Writer

Kuldeep

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