Shimla: 2 महीने से नहीं मिला मानदेय, 36,000 आंगनबाड़ी वर्कर्ज-हैल्पर्ज पर आर्थिक संकट
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 07:10 PM (IST)
शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी वर्कर्ज-हैल्पर्ज को पिछले 2 महीनों से मानदेय नहीं मिला है। प्रदेश भर में करीब 36,000 आंगनबाड़ी वर्कर्ज और हैल्पर्ज इससे प्रभावित हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं का कहना है कि पिछले महीने उन्हें केवल सैंटर का शेयर मिला था, जबकि इस महीने न तो राज्य सरकार की ओर से और न ही केंद्र की ओर से कोई भुगतान हुआ है। लगातार देरी के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंगनबाड़ी वर्कर्ज का कहना है कि वे गांव-गांव जाकर बच्चों के पोषण, टीकाकरण और महिलाओं से जुड़ीं योजनाओं को कार्यान्वित करती हैं।
इसके अलावा अब वर्कर्ज और हैल्पर्ज सामाजिक सुरक्षा पैंशन के लिए पात्र लोगों की वैरीफिकेशन भी कर रही हैं, लेकिन लंबे समय तक मानदेय अटकने से उनके लिए परिवार का खर्च चलाना कठिन हो गया है। घर के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतों को पूरा करना अब मुश्किल होता जा रहा है। हिमाचल आंगनबाड़ी वर्कर्ज व हैल्पर्ज यूनियन संबंधित सीटू की अध्यक्ष नीलम जसवाल ने सरकार व विभाग से जल्द से जल्द लंबित मानदेय जारी करने की मांग की है। गौर हो कि आंगनबाड़ी वर्कर्ज को प्रति माह 10,000 और हैल्पर्ज को 5,800 रुपए मानदेय मिल रहा है।
संबंधित बिल क्लीयर करने के दिए निर्देश . निदेशक
निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग डा. पंकज ललित का कहना है कि सभी डीपीओ को संबंधित बिल क्लीयर करने के दिए निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही आंगनबाड़ी वर्कर्ज व हैल्पर्ज को 2 महीने का मानदेय जारी कर दिया जाएगा

