सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: बिना लाइसेंस शराब परोसी तो लगेगा भारी जुर्माना, तय हुई नई लिमिट
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 10:25 AM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में अब महफिल जमाना हो या शराब का कारोबार करना, लापरवाही महंगी पड़ने वाली है। सुक्खू सरकार ने साल 2026-27 के लिए अपनी नई आबकारी नीति के जरिए एक तरफ राजस्व बढ़ाने का खाका खींचा है, तो दूसरी तरफ अवैध शराब और मनमानी करने वालों पर भारी जुर्माने का 'हंटर' भी तैयार कर लिया है। अब बिना परमिट के किसी भी समारोह में जाम छलकाया, तो जेब पर तगड़ी चपत लगनी तय है।
समारोहों में 'बिना परमिट' शराब पर भारी जुर्माना
शादी-ब्याह, बैंक्वेट हॉल या किसी भी व्यावसायिक परिसर में शराब परोसने के लिए अब लाइसेंस अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए जुर्माने का स्लैब कुछ इस तरह है।
पहली चूक: ₹50,000 का दंड।
दूसरी बार: ₹75,000 का जुर्माना।
तीसरी बार: ₹1 लाख तक की पेनल्टी।
यदि कोई अधिकृत वेंडर भी अनधिकृत जगह शराब परोसता है, तो उसे ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना भरना होगा। चौथी बार नियम तोड़ने पर सीधे लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
शराब की कीमतों पर 'कमांड': सील हो सकते हैं ठेके
सरकार ने रिटेल विक्रेताओं की मनमानी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब न तो निर्धारित दाम (MRP) से ज्यादा वसूल सकेंगे और न ही डिस्काउंट के नाम पर कम दाम में शराब बेच पाएंगे।
पहली बार नियम उल्लंघन पर ठेका एक दिन के लिए बंद किया जाएगा, जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर दो दिन की सीलिंग होगी। यह कार्रवाई सामान्य कानूनी कार्रवाई के अलावा की जाएगी।
लाइसेंस फीस में इजाफा: होलसेलर्स को देना होगा ज्यादा
राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने लाइसेंस शुल्क की दरों में बदलाव किया है।
थोक विक्रेता (L-1 और L-13): अब सालाना फीस ₹40 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है।
होटल और बार: अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से इनकी फीस में ₹10,000 से लेकर ₹30,000 तक की बढ़ोतरी की गई है।
परिवहन और भंडारण की नई सीमा
आम जनता और व्यक्तिगत उपयोग के लिए शराब साथ ले जाने के नियमों को स्पष्ट किया गया है। एक व्यक्ति अपने साथ 750 ml की 6 बोतलें या 1 लीटर की 5 बोतलें ले जा सकता है। बीयर के मामले में 24 बोतलें (650 ml) या 5 लीटर के 3 कैन ले जाने की छूट है। परमिट के साथ अधिकतम 72 बोतलें (ब्लेंडेड/देसी शराब) और 78 बीयर की बोतलें रखी जा सकेंगी।
अवैध कारोबार पर प्रहार: खास प्रावधान
यदि शराब निर्माता (मैन्युफैक्चरर) बिना परमिट या तय कोटे से अधिक शराब या ENA मंगाते हैं, तो उन पर ₹1 लाख से ₹3 लाख तक का जुर्माना लगेगा। साथ ही स्टॉक और कंटेनर भी जब्त किए जाएंगे।
हॉटस्पॉट पर नए ठेके: जिन इलाकों में अवैध शराब की तस्करी के 3 या उससे ज्यादा केस दर्ज होंगे, वहां सरकार स्थानीय निकाय (पंचायत/नगर निकाय) की अनुमति के बिना भी शराब की दुकान खोलने का अधिकार रखेगी।

