Shimla: नाई की दुकान चलाने वाला निकला नशे का किंगपिन, पुलिस ने जब्त की ₹1.64 करोड़ से अधिक की संपत्ति
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 02:32 PM (IST)
शिमला/ठियोग (मनीष): हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ शिमला पुलिस ने अब एक नई और बेहद सख्त रणनीति अपना ली है। अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि फाइनांशियल इन्वैस्टीगेशन के माध्यम से नशे के कारोबार से अर्जित अवैध धन और संपत्तियों की पहचान कर उन्हें सीज करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने ठियोग में एक अफीम तस्कर की 1.64 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 जून 2026 को विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ठियोग के रहीघाट (हॉस्पिटल रोड) स्थित सोहन लाल उर्फ हैपी की नाई की दुकान पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस थाना ठियोग में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत एफआईआरदर्ज की और मामले की गहन जांच शुरू की।
पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी सोहन लाल लंबे समय से अफीम की अवैध तस्करी में संलिप्त था। वह अपनी दुकान की आड़ में ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में अफीम की सप्लाई कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी की फाइनांशियल इन्वैस्टीगेशन की। पुलिस यह देखकर हैरान रह गई कि आरोपी पेशे से नाई है और परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है, लेकिन उसकी संपत्तियां उसकी वैध आय से बिल्कुल मेल नहीं खाती थीं।
वित्तीय जांच में आरोपी और उसके करीबियों के नाम पर एक आवासीय भूमि (प्लॉट), एक कृषि भूमि (एग्रीकल्चर प्लॉट), एक दोमंजिला दुकान, एक वाहन और विभिन्न बैंक और डाकघर खातों में जमा भारी धनराशि पाई गई। वित्तीय अभिलेखों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि कुल 1.64 करोड़ मूल्य की ये संपत्तियां प्रथम दृष्टया मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित आय से बनाई गई हैं। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत इन सभी संपत्तियों को सीज कर लिया है।
अब तक 8 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां सीज
शिमला पुलिस ने ड्रग माफिया के आर्थिक नैटवर्क को ध्वस्त करने में इस वर्ष बड़ी कामयाबी हासिल की है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 और 2025 में एनडीपीएस मामलों में कोई फाइनांशियल इन्वैस्टीगेशन नहीं की गई थी और न ही कोई संपत्ति सीज हुई थी, लेकिन वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस 12 एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच करते हुए 8 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। शिमला पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब उन्हें केवल जेल जाने का डर नहीं, बल्कि अपनी काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों के छिनने का भी खौफ है।
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