Solan: एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सनावर के विद्यार्थियों को दिया नेवर गिव इन का मंत्र, विशिष्ट ओल्ड सनावेरियन अवार्ड से हुईं सम्मानित
punjabkesari.in Monday, Oct 05, 2026 - 07:17 PM (IST)
सनावर (जितेंद्र): द लॉरेंस स्कूल, सनावर का तीन दिवसीय 179वां स्थापना दिवस समारोह सोमवार को अनुशासन, उद्देश्य, सत्यनिष्ठा और दृढ़ता के संदेश के साथ संपन्न हो गया। समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पीवीएसएम, एवीएसएम व वीएसएम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि वे अनुशासित और दृढ़ रहें, जीवन के लिए सार्थक उद्देश्य चुनें, सदा सही कार्य करें और अपने माता-पिता, शिक्षकों व मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञ रहें। उन्होंने दस वर्ष की आयु में आवासीय सैनिक स्कूल में प्रवेश के अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि बोर्डिंग स्कूल कक्षा के साथ-साथ खेल के मैदान, छात्रावास जीवन और शिक्षकों व वरिष्ठों के साथ संवाद के माध्यम से जीवन के स्थायी सबक सिखाते हैं। नौसेना प्रमुख ने अनुशासन को आसान के बजाय सही को चुनना बताया। दृढ़ता का उदाहरण देते हुए उन्होंने चंद्रयान-2 की असफलता के बाद वैज्ञानिकों के प्रयासों और अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग का जिक्र किया।
उन्होंने सचिन तेंदुलकर और उनके प्रशिक्षक रमाकांत आचरेकर का प्रसंग सुनाया तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से उद्देश्य की प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और अभिभावकों की भूमिका की भी सराहना की। एडमिरल स्वामीनाथन ने विद्यालय के पूर्व छात्र सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, परमवीर चक्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके असाधारण साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने बताया कि 1971 के बसंतर युद्ध में मात्र 21 वर्ष की आयु में खेत्रपाल ने अद्भुत वीरता दिखाई थी। विद्यार्थियों को छुट्टियों में घर जाने पर माता-पिता को अपना बिस्तर स्वयं संवारकर और जूते चमकाकर छोटा-सा आश्चर्य देने की सीख भी उन्होंने दी। समारोह में पारंपरिक ट्रूपिंग ऑफ़ द स्कूल कलर्स के बाद 1956, 1961, 1966, 1971, 1976, 1996 और 2001 के जुबली बैचों के ओल्ड सनावेरियन्स ने स्कूल बैंड के साथ प्रभावशाली मार्च पास्ट किया।
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू तथा रॉयल नेपाली सेना के पूर्व प्रमुख एवं यूके में नेपाल के राजदूत जनरल गौरव एसजेबी राणा को विशिष्ट ओल्ड सनावेरियन अवार्ड प्रदान किया गया। प्रख्यात मानवाधिकार अधिवक्ता माजा दारूवाला को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। इनायाा कुमार (एचजीडी) को सर्वश्रेष्ठ कैडेट के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ट्रॉफी, राउंड स्क्वायर गतिविधियों के लिए किंग कॉन्स्टेंटाइन मेडल, उत्कृष्टता के लिए सोम दत्त ट्रॉफी और हेड गर्ल के लिए ऑनोरिया लॉरेंस पुरस्कार प्रदान किया गया। रणराज सिंह चौधरी (वीबीडी) को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ट्रॉफी और हेड बॉय के लिए हेनरी लॉरेंस पुरस्कार मिला। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विराज गुप्ता (वीबीडी) को कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर यशपाल चौधरी स्वर्ण पदक और स्वर्गीय कैप्टन ज़बर सिंह कैश अवार्ड दिया गया।
उन्हें विज्ञान में प्रथम आने पर नेली लोवेल (ओएस) स्वर्ण पदक भी मिला। लक्षित बंसल (एसबीडी) ने वाणिज्य और दविना ढिल्लों (एनजीडी) ने मानविकी में प्रथम स्थान हासिल किया। तीन दिवसीय समारोह में खेल, पूर्व छात्रों की गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वार्षिक एथलेटिक मीट आयोजित की गई, जिसमें लगभग 700 विद्यार्थियों ने भाग लिया। 15 अप्रैल 1847 को सर हेनरी और लेडी ऑनोरिया लॉरेंस द्वारा स्थापित द लॉरेंस स्कूल, सनावर उत्कृष्टता, सेवा और सनावेरियन आदर्श वाक्य "नेवर गिव इन" की विरासत को निरंतर आगे बढ़ा रहा है

