एंट्री टैक्स विवाद: 1 जून को हिमाचल के 55 एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर चक्का जाम का ऐलान
punjabkesari.in Sunday, May 31, 2026 - 09:24 PM (IST)
नालागढ़ (सतविन्द्र): हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के किसान, ट्रांसपोर्ट तथा सामाजिक संगठनों ने 1 जून को हिमाचल प्रदेश से लगते 55 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर 4 घंटे के चक्का जाम का ऐलान किया है। आंदोलन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्त्ता सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचने लगे हैं।
कीरतपुर साहिब में आयोजित बैठक के दौरान पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा, किरती किसान मोर्चा के प्रधान वीर सिंह बड़वा, नेता हरप्रीत सिंह भट्टू तथा पूर्व डीआईजी दलजीत सिंह राणा ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पंजाब सहित पूरे देश के लोगों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के वाहनों पर लगाए जा रहे टैक्स से व्यापार, पर्यटन और आम लोगों को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। पूर्व डीआईजी दलजीत सिंह राणा ने कहा कि एक देश के भीतर किसी एक राज्य द्वारा अन्य राज्यों के लोगों और वाहनों के साथ भेदभाव करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार शुरू से ही भेदभावपूर्ण नीतियों पर चल रही है, जिसके कारण लोगों में भारी रोष है। उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि उनके समर्थक भी विभिन्न बॉर्डर प्वाइंटों पर धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे।
इस अवसर पर गौरव राणा, वीर सिंह बड़वा और अन्य नेताओं ने पंजाब सरकार से भी रैसिप्रोकल टैक्स के मुद्दे पर अपना वायदा पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आने वाले दिनों में आंदोलन का रुख हिमाचल सरकार के साथ-साथ पंजाब सरकार के खिलाफ भी किया जा सकता है। नेताओं का कहना था कि रैसिप्रोकल टैक्स लागू होने से हिमाचल सरकार पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बनेगा। बैठक के दौरान कार्यकर्त्ताओं ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस मौके पर जिंदू राणा, हरप्रीत सिंह, बलवीर खान, पवन कुमार व प्रिंस बडैल सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।

