हिमाचल में खिल उठेगी धौलाधार की वादियां, इस दिन धर्मशाला पहुंचेंगे दलाई लामा
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 04:37 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु, 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो, दक्षिण भारत के अपने वार्षिक प्रवास को सफलतापूर्वक संपन्न कर आगामी 13 फरवरी को अपने निवास स्थान मैक्लोडगंज लौट रहे हैं। उनके आगमन की खबर ने न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है।
वापसी का कार्यक्रम और स्वागत की तैयारी
वर्तमान में दिल्ली में विश्राम कर रहे दलाई लामा शुक्रवार को गगल हवाई अड्डे पर उतरेंगे, जहाँ से उन्हें सड़क मार्ग द्वारा उनके मठ तक ले जाया जाएगा। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) और उनके अनुयायी इस पल का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
ठंड से बचने के लिए वह हर साल 10 दिसंबर को कर्नाटक के मुंडगोड चले जाते हैं। वहां का सुहावना मौसम उनके स्वास्थ्य के अनुकूल रहता है और इस दौरान उन्होंने कई धार्मिक सभाओं में हिस्सा लिया। बौद्ध भिक्षुओं ने अपने गुरु के भव्य स्वागत के लिए पलकें बिछा रखी हैं। पूरे शहर को सजाया जा रहा है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा
दलाई लामा की अनुपस्थिति में 'छोटी ल्हासा' कही जाने वाली मैक्लोडगंज की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ था। पर्यटन पर निर्भर होटल, टैक्सी और रेस्टोरेंट व्यवसाय पिछले कुछ महीनों से मंदी की मार झेल रहे थे। अब उनकी वापसी से उम्मीद है कि दुनिया भर से उनके अनुयायी और पर्यटक फिर से धर्मशाला का रुख करेंगे। बाज़ारों में चहल-पहल बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आएगी।
आगामी विशेष आयोजन
फरवरी का यह महीना तिब्बती समुदाय के लिए बेहद खास होने वाला है। लोसर (तिब्बती नववर्ष) 18 फरवरी से नववर्ष के जश्न की शुरुआत होगी, जिसमें दलाई लामा की मौजूदगी उत्साह को दोगुना कर देगी।
विशेष प्रार्थना सभा 23 फरवरी को मैक्लोडगंज के चुगलाखांग मठ में एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान होगा। इस सभा का मुख्य उद्देश्य दलाई लामा की दीर्घायु और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करना है।

