हिमाचल के इन 10 ट्रैकिंग रूटों पर जाने के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 10:34 AM (IST)

हिमाचल डेस्क :  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में धौलाधार पर्वत श्रृंखला के अलग-अलग रूट पर ट्रेकर्स के फंसने, लापता होने या दुर्घटनाओं की हालिया घटनाओं को देखते हुए, ज़िला प्रशासन ने दस ट्रेकिंग रूट के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। यह नियम तुरंत लागू हो गया है और 15 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेगा। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। 

बता दें कि धौलाधार रेंज में 3,600 से 4,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इन रूट में बलेनी, मिंकियानी, भीमघसुत्री, इंद्रहार, कुंडली, तोरल, तालंग, सिंघार, वारू और जलसू दर्रा शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी रूट के शुरुआती पॉइंट पर आपदा प्रबंधन चेक-पोस्ट बनाए जाएंगे, जो रोज़ाना सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे। आदेश जारी करते हुए कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर हेमराज बैरवा ने मॉनसून के मौसम में ट्रेकिंग से जुड़े बढ़ते खतरों पर ज़ोर दिया, जिसमें भूस्खलन, घना कोहरा, अचानक बाढ़, कम विज़िबिलिटी और फिसलन भरे रास्ते जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा, "कई मामलों में, खोज और बचाव अभियान लंबे, चुनौतीपूर्ण और ज़्यादा संसाधनों वाले हो जाते हैं क्योंकि ट्रेकर्स अपनी यात्रा या अपने तय रूट के बारे में पहले से जानकारी नहीं देते हैं। इससे न केवल ट्रेकर्स बल्कि बचाव दल के सदस्यों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।"

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

हेमराज बैरवा ने कहा कि इन चिन्हित रूट पर जाने वाले हर व्यक्ति या समूह के लिए ट्रेक शुरू करने से पहले संबंधित चेक-पोस्ट पर व्यक्तिगत रूप से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "इसके अलावा, उन्हें अपनी यात्रा की योजना, संपर्क जानकारी और लौटने के संभावित समय का विवरण भी देना होगा।" उन्होंने कहा, "अगर कोई व्यक्ति या समूह बिना रजिस्ट्रेशन के ट्रेकिंग करता है, या बिना पहले से जानकारी दिए तय रूट से हट जाता है और बाद में किसी दुर्घटना या आपदा का शिकार हो जाता है, तो ज़रूरत पड़ने पर उनके बचाव के लिए निजी बचाव दलों की सेवाएं ली जाएंगी। ऐसे बचाव अभियानों में होने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति या समूह से वसूला जाएगा।" बैरवा ने कहा कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ़ 'आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005' की धारा 51 और 'भारतीय न्याय संहिता' के संबंधित प्रावधानों के तहत नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Content Editor

Swati Sharma

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