हिमाचल में नई दरें लागू, जानें अब कमर्शियल और घरेलू प्लॉट के लिए कितनी लगेगी रजिस्ट्रेशन फीस

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 11:51 AM (IST)

शिमला (वंदना): हिमाचल प्रदेश सरकार ने घरेलू और कमर्शियल उपयोग के लिए विकसित किए जाने वाले प्लाॅट्स पर रजिस्ट्रेशन फीस की नई दरें लागू कर दी हैं। यह फैसला रियल एस्टेट रैगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के तहत लिया गया है, जिससे प्रदेश में प्लाटेड विकास परियोजनाओं को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित किया जा सके। आवास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें प्रदेश में लागू कर दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अब प्लाटों की रजिस्ट्रेशन फीस परियोजना के प्रकार और क्षेत्र के आधार पर तय की गई है। घरेलू (आवासीय) उपयोग के लिए विकसित प्लाॅट्स पर जहां पहले 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाता था, अब इसे बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में 30 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 40 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।

इसी तरह कमर्शियल (वाणिज्यिक) उपयोग के लिए विकसित किए जाने वाले प्लाॅट्स पर भी फीस में बड़ा इजाफा किया गया है। पहले जहां 20 रुपए प्रति वर्ग मीटर शुल्क था, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों में 60 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 80 रुपए प्रति वर्ग मीटर रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है। इसके अलावा जिन परियोजनाओं में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के प्लाॅट्स शामिल होंगे, उनके लिए भी अलग दरें तय की गई हैं। ऐसी संयुक्त परियोजनाओं पर ग्रामीण क्षेत्रों में 45 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 60 रुपए प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना होगा। 

वहीं आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत योजना अनुसार वर्तमान दर जो 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर थी, ग्रामीण क्षेत्र में 30 रुपए प्रति वर्ग मीटर, शहरी क्षेत्र में 40 रुपए प्रति वर्ग मीटर, वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वीकृत योजना अनुसार वर्तमान दर जो 20 रुपए प्रति वर्ग मीटर थी, अब ग्रामीण क्षेत्र में  60 रुपए प्रति वर्ग मीटर, शहरी क्षेत्र में 80 रुपए प्रति वर्ग मीटर होगी। इसके अलावा संयुक्त आवासीय एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वीकृत योजना अनुसार निर्मित क्षेत्र वर्तमान दर, जो 15 रुपए प्रति वर्ग मीटर थी, अब ग्रामीण क्षेत्र में 45 रुपए प्रति वर्ग मीटर और शहरी क्षेत्र में 60 रुपए प्रति वर्ग मीटर होगी।

नई दरों से प्लाटेड विकास परियोजनाओं का पंजीकरण रेरा के तहत और सख्त होगा। इससे अवैध कालोनियों पर अंकुश लगेगा और प्लाॅट खरीदने वाले लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-84 के अंतर्गत संशोधन किए हैं। इसमें संशोधन कर नए नियमों को हिमाचल प्रदेश भू-संपदा (विनियमन और विकास) संशोधन नियम, 2025 नाम दिया गया है। इसे लेकर अधिसूचना सरकार की ओर से जारी की गई है। इससे अब रेरा के अंतर्गत किसी भी परियोजना के पंजीकरण के समय प्रमोटर को ऑनलाइन अथवा निर्धारित माध्यम से संशोधित रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी।


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Vijay

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