Himachal: चुनाव आचार संहिता के बीच PWD इंजीनियर-इन-चीफ को सेवा विस्तार, सरकार की ''नो एक्सटैंशन'' नीति पर उठे सवाल

punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2026 - 06:30 PM (IST)

शिमला (कुलदीप): शहरी निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की घोषणा के बीच जारी आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियर-इन-चीफ इंजीनियर नरेंद्र पाल सिंह को 6 माह का सेवा विस्तार दिया गया है। उनको जनहित में 1 मई से 31 अक्तूबर, 2026 तक सेवा विस्तार दिया गया है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की तरफ से इस आशय संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि सरकार की तरफ से यह आदेश गत 28 अप्रैल को जारी किए गए थे, लेकिन अधिसूचना की प्रति वीरवार को सामने आई है। 

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प्रदेश में 28 अप्रैल को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की घोषणा की गई थी, जिस तिथि से यह अधिसूचना जारी हुई है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने इसी माह के पहले सप्ताह में निर्णय लिया था कि भविष्य में किसी अधिकारी व कर्मचारियों को सेवा विस्तार, पुनर्रोजगार व पुनर्नियुक्ति नहीं मिलेगी। हालांकि इन आदेशों के जारी होने के दिन ही लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) मंडल कुनिहार मनसा राम को पुनर्नियुक्ति दी गई थी, जिस पर विपक्षी दल भाजपा ने भी सवाल उठाए थे। 

राज्य में सेवानिवृत्ति के बाद से अधिकारी व कर्मचारियों को सेवा विस्तार, पुनर्रोजगार व पुनर्नियुक्ति देने का सिलसिला जारी है। पूर्व भाजपा सरकार के समय विधानसभा में प्रश्न के उत्तर में खुद इस बात को स्वीकार किया गया था कि विभिन्न विभागों, निगम व बोर्डों में 1160 लोगों को सेवा विस्तार दिया गया तथा उन्हें 28,32,85,580 रुपए इसकी एवज प्रदान किए गए। इसमें प्रथम श्रेणी के 294, द्वितीय श्रेणी के 81, तृतीय श्रेणी के 720 और चतुर्थ श्रेणी के 65 अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।

वर्तमान कांग्रेस सरकार के समय भी करीब 600 शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया गया। इसके अलावा सैंकड़ों अन्य अधिकारी व कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर रखा गया। उच्च प्रशासनिक स्तर पर सेवानिवृत्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह वर्तमान सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार के रूप में सेवा विस्तार दिया गया। इसी तरह मुख्य सचिव के पद पर प्रबोध सक्सेना को 6 माह का सेवा विस्तार मिला तथा बाद में उनकी सेवाएं हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष पद पर समायोजित की गई। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर कई उच्च अधिकारी सेवा विस्तार पर चल रहे हैं। 

स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों में अभी भी कई अधिकारी व कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी सेवाएं दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों व राजस्व विभाग में खाली पदों पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पटवारियों की सेवाएं ली गई हैं। इनकी सेवाएं वैकल्पिक व्यवस्था के संचालन को ध्यान में रखकर ली गई हैं, क्योंकि इस श्रेणी के अधिकारी व कर्मचारी सरकार के पास उपलब्ध नहीं हैं।

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Content Writer

Vijay

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