"हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री कर्मचारियों के लिए करें बड़ी घोषणा", डॉ. मामराज पुंडीर बोले- ...धोखा कर रही सरकार
punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 06:52 PM (IST)
Shimla News : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रान्त महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी पिछले कई वर्षों से सरकार की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार निराशा ही हाथ लगी है।उन्होंने कहा कि हिमाचल दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बड़ी और ठोस घोषणा करनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को उनका लंबित हक मिल सके। दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्षों से कर्मचारी सरकार का मुंह ताकते रह गए, लेकिन सरकार ने उन्हें कुछ भी ठोस नहीं दिया।
'लगातार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही सरकार'
डॉ. पुंडीर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है और उनके वैधानिक अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आज भी 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) नहीं मिला है, जबकि लगभग 130 महीने का डीए एरियर बकाया है, जो प्रत्येक कर्मचारी के लिए लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आगे कहा कि 2016 के वेतन आयोग के तहत देय एरियर भी आज तक कर्मचारियों को नहीं दिया गया है। एक-एक कर्मचारी का लाखों रुपये बकाया है, लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। अब जब नया वेतन आयोग भी लागू होने की स्थिति में है, तो यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि पुरानी देनदारियां कब चुकाई जाएंगी।
डॉ. पुंडीर ने यह भी कहा कि कुछ चाटुकार संगठनों के नेता अपने स्वार्थ के लिए कर्मचारियों के हितों को गिरवी रख चुके हैं, जिसके कारण कर्मचारियों की आवाज मजबूती से सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे नेताओं ने कर्मचारियों के हकों के साथ समझौता किया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट सवाल किए कि कर्मचारियों के वेतन व भत्तों का पूरा भुगतान कब होगा? 13 प्रतिशत डीए की घोषणा कब की जाएगी? 130 महीने के डीए एरियर का भुगतान कब होगा? 2016 वेतन आयोग का लंबित एरियर कब दिया जाएगा?
आंदोलन की चेतावनी
डॉ. पुंडीर ने कहा कि सरकार आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर कर्मचारियों के अधिकारों को दबा नहीं सकती। अदालतों के कई फैसले यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारियों के वैधानिक भुगतान को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अंत में उन्होंने मांग की कि पंजाब की तर्ज पर वित्तीय देनदारियों को चुकाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए और हिमाचल दिवस के अवसर पर कर्मचारियों को उनका हक दिया जाए।

