जनता का अनोखा विरोध, पानी ढोने वाले गधों पर लगा दी मंत्री, विधायक व पूर्व विधायक की तस्वीरें

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2020 - 09:05 PM (IST)

शिलाई (रवि तौमर): विधानसभा क्षेत्र के गवाली गांव के लोग आज भी स्वच्छ पानी के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां के लोग आज भी अपने ही प्रदेश में बेगानों जैसा जीवन बिताने को मजबूर हैं। किसी भी सरकार ने यहां के लोगों के लिए पानी का आज तक कोई इंतजाम नहीं किया है। जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है, वहीं गवाली गांव में लोग गांव से दूर बनी एक बावड़ी से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। अगर गलती से भी काई कोरोना वायरस से संक्रमित इंसान इस बावड़ी से पानी भरेगा तो इससे पूरा गांव कोरोना वायरस की जद्द में आ सकता है।

समाजसेवी संजय शर्मा ने टीम के साथ धर्मशाला से गवाली गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान लोगों ने बताया कि यहां सैंकड़ों परिवार, आधा दर्जन से ज्यादा गांव इसी बावड़ी का पानी पी रहे हैं। यहां गधों व घोड़े के माध्यम से पानी ढोया जा रहा है। हैरानी की बात है कि जो जिम्मेदारी नेताओं को निभानी चाहिए वह जिम्मेदारी यहां पर गधे निभा रहे हैं। लिहाजा गांववालों के सामने टीम बड़का भाऊ ने नारा दिया कि तुम मुझे गधे दो मैं तुम्हें पानी दूंगा, जिसका गांववालों ने खुला समर्थन किया।

गधों को सम्मान देने के लिए जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, विधायक शिलाई क्षेत्र हर्षवर्धन चौहान व पूर्व विधायक बलदेव तोमर का नकाब गधों को पहनाया गया। बड़का भाऊ ने सीधी सरकार और प्रशासन को चुनौती दी है कि अगर 3 दिनों के अंदर गांव के लोगों को सरकार स्वच्छ पानी की सप्लाई नहीं दे पाती है तो आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

वहीं शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि गवाली में विरोध को लेकर कोई जानकारी नहीं है। क्षेत्र में लोगों की सुविधाओं के लिए काम किया जा रहा है। यदि कहीं कमी है तो लोग संज्ञान में ला सकते हैं। उधर, खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर ने कहा कि हाल ही में गवाली के लिए अलग से पेयजल योजना को लेकर 10 लाख रुपए सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं जिसका टैंडर होने के बाद काम शुरू हो चुका है।


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Vijay

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