कुल्लू में सिड्डू के बाद अब मक्की व कोदरे की रोटी के दीवाने हुए लोग (Watch Pics)

10/21/2019 6:19:45 PM

कुल्लू (दिलीप): अंतर्राष्ट्रीय दशहरा पर्व के लिए ढालपुर मैदान में सजी दुकानों में अब ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दीवाली तक यहां पर ये दुकानें सजी रहेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सर्दियों के लिए जहां गर्म कपड़े खरीद रहे हैं वहीं अन्य सामान की खरीददारी भी भारी मात्रा में हो रही है। इसके अलावा कुल्लू के ढालपुर मैदान में आजकल लोकल व्यंजनों के चटकारे लेने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। मैदान में स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आने वाले ग्राहक व पर्यटक यहां पर स्थानीय व्यंजनों का भरपूर लुत्फ उठा रहे हैं।
PunjabKesari, Maize Bread in Kullu

कुल्लू का लोकल सिड्डू जहां पूरी तरह से मशहूर हो गया है, वहीं अब यहां पर मक्की व कोदरे की रोटी सहित साग के भी लोग दीवाने हो गए हैं। दशहरा मैदान में लगे सागर ढाबे में मक्की की रोटी के अलावा कोदरे की रोटी व साग के लिए भारी भीड़ लगी हुई है। सागर ढाबे में महिलाएं सुबह से लेकर रात तक कोदरे की रोटी बनाने में व्यस्त हैं। लोगों को कोदरे की रोटी व साग के चटकारे लेने के लिए लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
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यही नहीं, लोग कोदरे की रोटी व साग को घर को भी पैक करके ले जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस तरह के व्यंजनों को महिलाओं द्वारा ही बनाया जा रहा है और ग्राहकों को भी परोसा जा रहा है। सागर ढाबे में इस वक्त करीब 4 महिलाएं कोदरे की व मक्की की रोटी बनाने में व्यस्त हैं और डिमांड इतनी है कि उनसे पूरी नहीं हो रही है। सिड्डू, मोमो, चाऊमिन व कचौरी के स्टाल भी यहां चल रहे हैं।
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बता दें कि सबसे पहले दशहरा पर्व में यहां की लुप्त हो रही लोकल डिश सिड्डू को रजनी ने पहली बार वर्ष 2001 में बाजार में उतारा था जो आज पूरी तरह से प्रसिद्ध हो गइ है। अब सागर ढाबा ने कोदरे व मक्की की रोटी व साग लाकर इस स्थानीय व्यंजन को भी मार्कीट में उतारा है, जिसे लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। बता दें कि कोदरे की रोटी पोष्टिकता के अलावा शुगर सहित कई बीमारियों के लिए भी रामवाण का काम करती है।
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Vijay

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