Kangra: पंचायती राज के साथ भद्दा मजाक, नियमों का खुला हनन कर रही कांग्रेस सरकार : परमार
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 06:10 PM (IST)
पालमपुर: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित होने के बाद अब पंचायती राज व्यवस्था के साथ भद्दा मजाक करने पर उतर आई है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार नीतिहीन, दिशाहीन और पूरी तरह जनविरोधी हो चुकी है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार उसी आत्मा को कुचलने का काम कर रही है। कभी कहा जाता है कि पंचायतों को प्रधानाचार्य चलाएंगे, कभी फरमान आता है कि पटवारी पंचायतों का काम संभालेंगे। यह न केवल पंचायत प्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि पंचायती राज अधिनियम और नियमों का खुला हनन भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदेश सरकार पंचायत व्यवस्था का करना क्या चाहती है? क्या सरकार पंचायत प्रतिनिधियों को पूरी तरह खत्म कर नौकरशाही के हवाले पंचायतों को सौंपना चाहती है।
यह सोच कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता को उजागर करती है, जहां चुने हुए जनप्रतिनिधियों की कोई अहमियत नहीं रह गई है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि अगर पंचायत चुनावों को आगे किया गया है, तो उसकी पूरी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। चुनाव टालकर अब अव्यवस्था फैलाना, भ्रम की स्थिति पैदा करना और पंचायतों को अनाथ छोड़ देना कांग्रेस सरकार की घोर नाकामी को दर्शाता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पंचायतें किस नियम के तहत चलेंगी, लेकिन यहां तो रोज नए-नए प्रयोग कर जनता और पंचायत प्रतिनिधियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों को सहायता और गरीबों को सुरक्षा देने की गारंटी देती रही, लेकिन आज हर गारंटी कागजों में ही दम तोड़ चुकी है।
महिलाओं को ठगा गया, बेरोजगारों को छला गया और अब पंचायतों को भी बर्बादी की कगार पर लाया जा रहा है। विपिन सिंह परमार ने दो टूक कहा कि कांग्रेस सरकार का पूरा कार्यकाल झूठ, भ्रम और विफलताओं का दस्तावेज बन चुका है। विकास कार्य ठप्प हैं, पंचायतों के अधिकार छीने जा रहे हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। यह सरकार जनता के भरोसे पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज व्यवस्था के साथ हो रहे इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। गांव, पंचायत और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भाजपा निर्णायक संघर्ष करेगी और कांग्रेस सरकार की हर जनविरोधी नीति को जनता के सामने बेनकाब करेगी।

