Kangra: देश के प्रत्येक मंदिर को दी जाए एक गऊशाला चलाने की जिम्मेदारी: शांता

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 04:41 PM (IST)

पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने देश में बढ़ती आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की छवि पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार सुप्रीम कोर्ट में मामले उठ चुके हैं, जो अपने आप में गंभीर विषय है। देश में कुत्तों के काटने के लाखों मामले सामने आ रहे हैं तथा कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के कारण यातायात बाधित हो रहा है। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेती तक छोड़नी पड़ रही है। शांता ने सुझाव दिया कि देश के हजारों मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा करोड़ों रुपए की भेंट चढ़ाई जाती है।

यदि प्रत्येक मंदिर को एक गऊशाला चलाने की जिम्मेदारी दी जाए तो इससे बेसहारा पशुओं की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे मंदिरों की आय में वृद्धि होगी तथा दान राशि का भी सदुपयोग हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगमों, नगर परिषदों और सरकारी विभागों के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध होता है, ऐसे में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार नसबंदी अभियान चलाकर कुत्तों की संख्या नियंत्रित कर सकती है तथा उनके लिए अलग स्थान भी निर्धारित किए जा सकते हैं। शांता कुमार ने कहा कि सड़कों पर घूमते बेसहारा पशु और कूड़ा खाते गौवंश देश की व्यवस्था की बड़ी कमी को दर्शाते हैं।

शांता कुमार ने कहा कि वह समझते हैं कि कुत्तों की समस्या और सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं का समाधान न कर पाना भारत के शासन में बहुत बड़ी कमी है। जिस गऊ को माता कहा जाता है और कई बार उसे भारत माता का दर्जा देने की बात भी की जाती है वह गऊ माता देश की सड़कों पर कचरा और गंदगी खाते हुए घूमती नजर आती है। मन्दिरों के पास करोड़ों नहीं अरबों रुपए का धन पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ठोस नीति बनाई जाए ताकि देश की छवि पर लग रहे इस कलंक को मिटाया जा सके।


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Content Writer

Kuldeep

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