हिमाचल के स्कूलों में 1 सितंबर से लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, शिक्षक अवार्ड में भी नए बदलाव
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 10:25 AM (IST)
Himachal News : अब प्रदेश के स्कूलों में पूर्व रूप से 1 सितंबर 2026 रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज नहीं होगी। यह फैसला शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित शिक्षा निदेशालय के समीक्षा बैठक में लिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में 1 सितंबर 2026 से ऑनलाइन अटेंडेंस विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से लगेगी। प्रदेश के कई स्कूलों के अभी भी ऑफलाइन अटेंडेंस लग रही है। ऐसे में पूर्ण रूप से डिजिटल अटेंडेंस लगाने के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। इसके साथ ही विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से ही ऑनलाइन निरीक्षण के कार्य को किया जायेगा। आगामी एक हफ्ते के भीतर विद्या समीक्षा केंद्र की टीम इस बारे में रिकॉर्ड तैयार करेगा और उसके बाद उप निदेशकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों से नीट, जेईई एडवांस और जेईई मेंस में चयनित बच्चों को प्रदेश सरकार सम्मानित करेगी। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विभागीय कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने लंबित पदोन्नतियों सहित सभी महत्वपूर्ण मामलों का शीघ्र समाधान करने तथा नियमित निगरानी बनाए रखने पर भी बल दिया। इस बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा सहित उपनिदेशक सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
जम्मू कश्मीर की तर्ज पर शिक्षक भर्ती पर बनेगा प्रस्ताव
जम्मू कश्मीर की तर्ज पर प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में अस्थायी शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस दिशा में शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार करेगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत इन शिक्षकों को एक वर्ष के लिए तैनाती दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि जम्मू कश्मीर में शिक्षकों की नियुक्ति एक वर्ष के लिए की जाती है और प्रत्येक वर्ष नई मेरिट सूची तैयार होती है। यदि किसी अभ्यर्थी से अधिक मेरिट वाला उम्मीदवार उपलब्ध होता है तो उसे प्राथमिकता दी जाती है। इससे योग्य एवं प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को अवसर मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया के लिए 100 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित किया गया है। इसमें परास्नातक (मास्टर्स), एम.फिल., पीएच.डी. और अनुभव के भी अंक दिए जाते हैं। चयनित शिक्षकों को 25,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाता है। वहां पर अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई थी। आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार हिमाचल सरकार इस आयु सीमा में संशोधन करने पर भी विचार कर सकती है। इस बारे शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार करेगा और फिर कैबिनेट के समक्ष इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्य में यह नीति काफी सफल साबित हुई है। ऐसे में प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
इस बार शिक्षक अवार्ड में नए बदलाव
प्रदेश में शिक्षक अवार्ड के लिए स्कूलों भी आवेदन कर सकते है। इसके लिए स्कूल अपने स्तर पर भी आवेदन कर सकेंगे।। वहीं डीसी, एसडीएम, उप-निदेशक, स्कूल एसएमसी के लिए शिक्षक और स्कूल का नाम भी प्रेषित कर सकते है। स्कूलों को ऐसी गतिविधियों के लिए अवार्ड के लिए योग्य माना जाएगा जिसके आधार पर स्कूली बच्चों की शिक्षा एवं जीवन में असल में बदलाव आया हो। इसके साथ ऐसे नवाचार भी शामिल होंगे जोकि शिक्षा और विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास को सुदृढ़ कर रहे हो। इस बार शिक्षक अवार्ड के लिए जनजातीय क्षेत्र में सेवाएं देने पर अधिक अंक नहीं मिलेंगे। स्पेशल अवॉर्ड के लिए केवल वही योग्य माने जाएंगे जो शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा नवाचार को लागू करके बच्चों के जीवन में असल में सुधार लाया हो। इसके अलावा स्पेशल अवॉर्ड में एसएमसी, आउटसोर्स, वोकेशनल टीचर भी आवेदन कर सकते है। शिक्षक के लिए 5 साल का अनुभव और प्रिंसिपल और हेड मास्टर के लिए दो साल का न्यूनतम अनुभव रखा गया है। इसके साथ ही इस बार आवेदन करने वाले शिक्षकों का निरीक्षण उप निदेशक स्तर की कमेटी नहीं करेगी। इस बार शिक्षा निदेशालय स्तर की कमेटी निरीक्षण करेगी। इसके साथ ही शिक्षक के बारे में स्कूल से बच्चों से ऑनलाइन फीडबैक ली जाएगी। प्रदेश के स्कूलों में महिला शिक्षकों के आवेदन करने की संख्या काफी कम है ऐसे में महिला शिक्षकों से विशेष अपील की गई है।
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के 11 स्कूलों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर
प्रदेश भर में 16997 स्कूल है। इस अभियान में 15401 विद्यालयों ने हिस्सा लिया और 12814 ने निर्धारित कार्य को पूरा किया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित मूल्यांकन में वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की सूची जारी की गई है। इस सूची में हिमाचल प्रदेश के अनेक सरकारी एवं निजी विद्यालयों ने स्थान बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। रुरल कैटेगरी-I में बिलासपुर का राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंद 99.20 प्रतिशत स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त कुल्लू का राजकीय प्राथमिक पाठशाला चिल्लागे, सिरमौर का राजकीय मिडिल स्कूल धमून, ऊना का राजकीय प्राथमिक पाठशाला गगरेट तथा कांगड़ा का राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंदोल भी राष्ट्रीय सूची में शामिल हुए। वहीं कुल्लू का सनोवर वैली इंटरनेशनल स्कूल भी इस श्रेणी में चयनित हुआ। रूरल कैटेगरी-II में सिरमौर का पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारग 97.60 प्रतिशत स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा जवाहर नवोदय विद्यालय हमीरपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुधान (ऊना), लॉरेंस स्कूल सनावर (सोलन) तथा जवाहर नवोदय विद्यालय बैजनाथ (कांगड़ा) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय सूची में स्थान प्राप्त किया। यह 11 स्कूल राष्ट्रीय पर आयोजित कार्यक्रम में जाएंगे जहां पर हर स्कूल को 01 लाख रुपए की राशि मिलेगी। इसके साथ ही संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को एक्सपोजर टूर पर भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि एक राज्य से 11 स्कूलों का चयन होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रभावी शैक्षणिक प्रबंधन तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इससे हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

