ऊना में नशे के सौदागरों की खैर नहीं: ADC के सख्त निर्देश, बनाया ''एक्शन प्लान''
punjabkesari.in Tuesday, Mar 31, 2026 - 05:07 PM (IST)
ऊना। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में समन्वित प्रयासों के साथ-साथ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि समाज को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
मंगलवार को डीआरडीए सभागार में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एन-कॉर्ड) के तहत जिला स्तरीय समन्वय समिति तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक गति से आगे बढ़ाएं। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई में तेजी लाई जाए और प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में तय लक्ष्यों के अनुरूप ठोस परिणाम सुनिश्चित करे। कार्रवाई आंकड़ों में भी दिखे और जमीनी स्तर पर प्रभाव भी दिखना चाहिए और इसकी नियमित समीक्षा हो।
एडीसी ने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के कारण ऊना में नशे के मामलों में विशेष सतर्कता और चौकसी आवश्यक है। उन्होंने इसे समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटना प्रशासन और समाज, दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायत स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि नशा निवारण समितियां नियमित बैठकें करने को कहा। चिट्टे की समस्या से प्रभावित 10 संवेदनशील पंचायतों में विशेष प्रयास और लक्षित जागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश भी दिए। साथ ही, स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
एडीसी ने नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि एसडीएम और डीएसपी इसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के मामलों में दो सप्ताह के भीतर निशानदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एडीसी ने दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां त्वरित सुधार कार्य सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाई जा रही रेलिंग को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने तथा कहीं भी असुरक्षित गैप न छोड़ने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठकों में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गंभीर विषयों से संबंधित बैठकों से नदारद रहना लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए तथा हिदायत दी कि भविष्य में इस प्रकार का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा ने पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, उपायुक्त आबकारी विशाल गोरला, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग के.एस. ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

