हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद: ऊना के मैहतपुर बॉर्डर पर पंजाब के संगठनों ने किया चक्का जाम, ट्रैफिक करना पड़ा डायवर्ट
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 06:04 PM (IST)
ऊना (सुरेन्द्र): हिमाचल में एंट्री टैक्स बढ़ाए जाने के विरोध में सोमवार को पंजाब के विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदेश के प्रवेश द्वार मैहतपुर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रैफिक को पूरी तरह से जाम कर दिया गया। धरना-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने वैकल्पिक रूटों से ट्रैफिक डायवर्ट किया था। हालांकि आवाजाही में दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ा है। पंजाब के संगठनों ने मांग की है कि हिमाचल में एंट्री टैक्स पूरी तरह से बंद किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में जनकल्याण कमेटी श्री आनंदपुर साहिब के अध्यक्ष कश्मीर सिंह नंगली, जन चेतना मंच जिला रोपड़ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, कुल हिंद समाज सभा जिला रोपड़ के प्रधान सुरजीत सिंह, कीर्ति किसान मोर्चा से अमरीक सिंह, बलवीर सिंह, ओंकार सिंह, सुखदेव सिंह, कुशल सिंह, जसवीर सिंह, मोहन सिंह, राग सिंह, अमरजीत सिंह, रमेश कुमार, महेश, सतवीर सिंह, विचित्र सिंह व गगनदीप सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने टोल टैक्स के विरोध में आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। सरकार द्वारा लोगों और टैक्सी चालकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिसके खिलाफ लम्बे समय से आवाज उठाई जा रही है। इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई धरने-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि संगठन आंदोलन के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो तेज किया जाएगा आंदोलन
पंजाब, दिल्ली व हरियाणा सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हिमाचल आते हैं। नयनादेवी, पांवटा साहिब तथा अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को भी टोल टैक्स के कारण अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के कई गांवों के लोगों के रिश्तेदार और सामाजिक संबंध हिमाचल प्रदेश में हैं। ऐसे में लोगों को शादी समारोहों, सामाजिक कार्यक्रमों, बीमार व्यक्तियों से मिलने अथवा अंतिम संस्कार जैसे कार्यों के लिए भी कई बार टोल टैक्स देना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स के विरोध में चल रहा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार आम जनता और टैक्सी चालकों को राहत प्रदान नहीं करती।

