Solan: NHAI का जुगाड़ फिर फेल, नैशनल हाईवे-5 पर हल्की बारिश से फिर धंसी बाईपास की सर्विस लेन
punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 05:57 PM (IST)
सोलन (ब्यूरो): नैशनल हाईवे-5 पर सोलन बाईपास के समीप पुलिस लाइन के पास बनी सर्विस लेन एक बार फिर भरभरा कर ध्वस्त हो गई है। फोरलेन निर्माण कंपनी की लापरवाही और लचर इंजीनियरिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सर्विस लेन अब तक 10 से ज्यादा बार धंस चुकी है। एनएचएआई और निर्माण कंपनी के अब तक के सभी तकनीकी प्रयास और फॉर्मूले यहां पूरी तरह फेल साबित हुए हैं, जिससे पूरे फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता पर ही गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हल्की बारिश ने धो दिए मिट्टी के दावे
हाल ही में निर्माण कंपनी ने डैमेज कंट्रोल करते हुए धंसी हुई जगह पर महज मिट्टी की फिलिंग कर दी थी, लेकिन थोड़ी-सी बारिश ने ही कंपनी के इन जुगाड़ वाले मंसूबों पर पानी फेर दिया। मिट्टी बहने से सर्विस लेन कई फुट नीचे धंस गई है। इससे पहले भी इंजीनियरों ने अलग-अलग तकनीकों से यहां डंगे (रिटेनिंग वॉल) बनाने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार कुछ ही दिनों में दरारें आ जाती हैं और सड़क ढह जाती है।
मंदिर और भवन तबाह, दहशत में जी रहे लोग
यह सर्विस लेन अब स्थानीय लोगों, जिला प्रशासन और खुद एनएएचआई के लिए भारी सिरदर्द बन चुकी है। भूस्खलन का दायरा इतना बढ़ गया है कि सड़क के नीचे नाले तक की जमीन लगातार धंस रही है। इसके चलते कथेड़ को जाने वाला मार्ग बार-बार अवरुद्ध हो जाता है। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इस धंसाव की चपेट में आकर एक मंदिर और सामुदायिक भवन पूरी तरह टूट चुके हैं। सड़क इतनी ऊबड़-खाबड़ हो गई है कि स्थानीय लोगों का अपने घरों तक जाना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है।
उपायुक्त के निर्देशों की उड़ी धज्जियां
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ समय पहले ही सोलन के उपायुक्त ने इस जगह का निरीक्षण किया था। उन्होंने NHAI के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि इस समस्या की जड़ तक जाकर स्थायी समाधान निकाला जाए। लेकिन NHAI ने निर्देशों को दरकिनार करते हुए सिर्फ मिट्टी बिछाकर खानापूर्ति कर दी, जिसका नतीजा एक बार फिर सड़क के धंसने के रूप में सामने आया है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
फोरलेन निर्माण कंपनी के प्रोजैक्ट प्रभारी दिनेश पुनिया ने बताया कि सर्विस लेन धंसने के बाद इसकी रिपेयर का काम चल रहा है। अभी केवल मिट्टी से फिलिंग की गई थी और पक्का डंगा (रिटेनिंग वॉल) नहीं लगाया गया था।

