हिमाचल में प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशो के लिए नए नियम लागू, रियल एस्टेट प्रोजैक्ट्स के लिए देनी होगी अतिरिक्त फीस
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 09:39 PM (IST)
शिमला (वंदना): हिमाचल प्रदेश सरकार के टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमैंट ने नियमों में संशोधन कर प्रदेश में प्रीमियम एफएआर के लिए नए नियमों को लागू किया है। इस संबंध में विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन नए नियमों के तहत अब रियल एस्टेट प्रोजैक्ट्स में प्रीमियम एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) लेने के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। सरकार का कहना है कि इन नियमों के माध्यम से रियल एस्टेट प्रोजैक्ट्स में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति को व्यवस्थित किया जाएगा और राजस्व में भी बढ़ौतरी होगी। इसके तहत प्रीमियम एफएआर के लिए शुल्क तय किए गए हैं।
जारी अधिसूचना के अनुसार अतिरिक्त एफएआर लेने पर बिल्ट एरिया के प्रति वर्गमीटर के हिसाब से शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके तहत 0.25 तक प्रीमियम एफएआर के लिए 3000 प्रति वर्गमीटर, 0.25 से 0.50 तक प्रीमियम एफएआर के लिए 5000 प्रति वर्गमीटर और 0.50 से 0.75 तक प्रीमियम एफएआर के लिए 7000 प्रति वर्गमीटर की दर से शुल्क चुकाना पड़ेगा। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन रियल एस्टेट प्रोजैक्ट्स का निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें कम्प्लीशन सर्टीफिकेट मिल चुका है, उन पर ये नियम लागू नहीं होंगे।
निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए ये रहेगा प्रावधान
जो परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं या आंशिक रूप से बनी हुई हैं, उनमें भी ये नियम केवल उन हिस्सों पर लागू होंगे जहां अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। जिन हिस्सों का निर्माण पूरा हो चुका है और कम्प्लीशन सर्टीफिकेट जारी हो चुका है, वे इस प्रावधान से बाहर रहेंगे। इसके अलावा नई या प्रस्तावित रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए प्रीमियम एफएआर लेने पर यह शुल्क पूरी तरह लागू होगा। इसके लिए परियोजना संचालकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त एफएआर के लिए आवेदन करना होगा।

