Kangra: जानिए 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी से कैसे बचा सेवानिवृत्त अधिकारी
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 06:45 PM (IST)
नगरोटा बगवां (दुसेजा): नगरोटा बगवां पंजाब नैशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की सूझबूझ से डिजिटल अरैस्ट साइबर ठगी से 60 लाख रुपए की बड़ी धोखाधड़ी टल गई। पंजाब नैशनल बैंक की नगरोटा बगवां शाखा में एक बड़े “डिजिटल अरैस्ट” साइबर फ्रॉड के प्रयास को समय रहते विफल कर दिया गया। बैंक अधिकारियों की सतर्कता से एक ग्राहक को 60 लाख रुपए के भारी नुक्सान से बचा लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरोटा बगवां की पंचायत मूमता के बण्डी गांव के माननीय उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त अधिकारी (62 वर्ष) बैंक शाखा में 60 लाख रुपए की राशि आईसीआईसीआई बैंक के कुछ खातों में ट्रांसफर करने के उद्देश्य से सोमवार को पहुंचे। बैक शाखा के प्रबन्धक द्वारा एक साथ इतनी बड़ी राशि को ट्रांसफर करने की वजह को जानने का प्रयास किया तो ग्राहक द्वारा प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि यह राशि बेटे को हैदराबाद में प्लॉट खरीदने के लिए भेजी जा रही है।
बैक ग्राहक ने बताया कि उसका इकलौता बेटा चंडीगढ़ में नौकरी करता है। बेटा चंडीगढ़ में नौकरी करता है और प्लाॅट हैदराबाद में खरीदने की बात की जा रही है, जिसे सुनकर शाखा प्रबंधक हरिश चंद्र योगी और डिप्टी मैनेजर कपिल का माथा ठनका तथा ग्राहक को डरा हुआ देख कहानी में शक पैदा हुआ। ग्राहक संपत्ति से संबंधित कोई ठोस या सत्यापित जानकारी देने में असमर्थ रहा, जिससे संदेह और गहरा हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक अधिकारियों ने ग्राहक के निवास पर जाकर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान यह खुलासा हुआ कि ग्राहक “डिजिटल अरैस्ट स्कैम” का शिकार हो चुका है।
ठगों ने स्वयं को एटीएस (एंटी टैररिज्म स्क्वायड) और अन्य सुरक्षा एजैंसियों का अधिकारी बताया। ग्राहक को झूठे आरोप लगाकर आपराधिक गतिविधियों में फंसाने की धमकी दी और गिरफ्तारी का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाया। केस “सैटल” करने के नाम पर तुरंत बड़ी राशि ट्रांसफर करने को कहा। डिजिटल ठगी से जुड़े लोगों द्वारा विश्वास पैदा करने के लिए स्वयं की सरकारी वर्दी पहने फोटो भी भेजी। ग्राहक को मानसिक रूप से नियंत्रित कर अन्य लोगों से संपर्क करने से रोका। बैंक अधिकारियों की समय पर कार्रवाई और समझदारी के कारण 60 लाख की यह संभावित ठगी टाल दी गई और ग्राहक को सुरक्षित किया गया। बैक अधिकारियों द्वारा ग्राहक के साथ मिलकर साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
जनता के लिए चेतावनी
कोई भी सरकारी एजैंसी फोन/वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरैस्ट” नहीं करती
किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी या पैसा सांझा न करें
डर या दबाव में आकर कोई वित्तीय निर्णय न लें
संदेह होने पर तुरंत बैंक या साइबर क्राइम हैल्पलाइन से संपर्क करें। साइबर ठगी का शिकार होने से बचाने के लिए सम्बन्धित ग्राहक ने मंगलवार को बैंक में पहुंच कर धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया कि जिन्दगी भर की खून पसीने की कमाई बच गई।

