Fatehpur: अनोह विट में खैर के पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद, दोनों पक्ष हुए आमने-सामने
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 04:34 PM (IST)
रैहन, (दुर्गेश कटोच)। नूरपुर वन मण्डल की रे रेंज की अनोह विट में खैर के पेड़ों की कटाई और उन्हें जड़ से उखाड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को भारतीय सेना के जवान सुरेंद्र, रिटायर्ड सूबेदार महिंदर सिंह गुलेरिया और रिटायर्ड सूबेदार नेत्र सिंह गुलेरिया ( घाईथ गांव से सबन्ध रखने बाले ) ने उठाया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिन खैर के पेड़ों को काटा गया, वे सरकारी (खुदरा) भूमि पर स्थित थे। उनका कहना है कि पेड़ों की कटाई से पहले उन्होंने इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों, विशेषकर डीएफओ नूरपुर, को व्हाट्सएप और फोन कॉल के माध्यम से सूचित किया था। इसके बावजूद कथित रूप से गलत निशानदेही कर पेड़ों को निजी भूमि में दर्शा दिया गया और उन्हें जड़ से उखाड़ दिया गया।
मामले को गंभीर मानते हुए शिकायतकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री और केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी लिखित शिकायत भेजी है। 5 अप्रैल को शिकायतकर्ताओं ने एक पत्रकार को मौके पर ले जाकर कटे और उखाड़े गए पेड़ों की स्थिति दिखाई। इसी दौरान घाईथ गांव निवासी भूपिंदर सिंह, जो उक्त भूमि को अपनी निजी संपत्ति बता रहे हैं, मौके पर पहुंचे और शिकायत कर्ताओ के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकियां दीं ओर मारपीट की घटना भी सामने आई।
वहीं, भूपिंदर सिंह का कहना है कि जिस भूमि से पेड़ों को काटा गया है, वह उनकी निजी संपत्ति है। उनका दावा है कि वन विभाग द्वारा तीन बार और राजस्व विभाग द्वारा दो बार भूमि की निशानदेही की जा चुकी है। इसी आधार पर उन्होंने 26-27 खैर के पेड़ों को कटवाया ओर जड़ से हटाया ताकि भविष्य में वहां नए पेड़ लगाए जाएंगे। इसी मामले में गांव घाइथ के ही जोगिंदर सिंह ने भी बताया कि उन्होंने अपनी निजी भूमि से 27 पेड़ कटवाए हैं।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के चलते मामला विवादित बना हुआ है। इस संबंध में वन मंडल अधिकारी नूरपुर संदीप कोहली, रेंज ऑफिसर रे सतपाल और फॉरेस्ट गार्ड नवनीत से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने भी फोन नही उठाया जिस कारण उनकी कोई प्रतिक्रिया सामने नही आ सकी।

