Shimla: मंत्री जगत सिंह नेगी का नेता प्रतिपक्ष पर तीखा प्रहार, बाेले-"नसीहत देने के बजाय सुविधाएं छोड़ उदाहरण पेश करें जयराम"
punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 11:33 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रिसोर्स मोबिलाइजेशन को लेकर नेता प्रतिपक्ष यह आरोप लगा रहे हैं कि चेयरमैन की फौज खड़ी कर दी गई है, जबकि किसी भी व्यवस्था को चलाने के लिए संसाधन और धन की आवश्यकता होती है। वीरवार को शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में नेगी ने कहा कि चेयरमैन पर होने वाला खर्च मामूली है, लेकिन भाजपा ने अपने कार्यकाल में केंद्र की नीतियों के कारण प्रदेश को 50,000 करोड़ रुपए का नुक्सान पहुंचाया। उन्होंने जयराम ठाकुर पर तंज कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पास बड़ा अमला, 2-3 नई गाड़ियां और मंत्री स्तर का आवास है। यदि वह उदाहरण पेश करना चाहते हैं तो नसीहत देने की बजाय सुविधाएं छोड़ दें। एक गाड़ी रखिए और उदाहरण स्थापित कीजिए, हम भी उदाहरण सैट करेंगे। नेगी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार अवसर होने के बावजूद प्रदेश को रैवेन्यू सरप्लस राज्य नहीं बना पाई।
आरडीजी खैरात नहीं, संविधान के तहत है प्रावधान
मंत्री ने स्पष्ट किया कि आरडीजी (रैवेन्यू डैफिसिट ग्रांट) कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत प्रावधान है। यह उन राज्यों के लिए है जिनका राजस्व घाटा केंद्र के कर बंटवारे के बाद भी पूरा नहीं हो पाता। यह किसी की मेहरबानी नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था है। नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का अभिन्न अंग है और संविधान के तहत अपना अधिकार मांग रहा है। भाजपा स्पष्ट करे कि वह हिमाचल के साथ है या नहीं।
हिमाचल बेचने का एक उदाहरण बताएं भाजपा नेता
मंत्री ने कहा कि भाजपा आरोप लगा रही है कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को बेच दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि एक भी उदाहरण बताएं जहां प्रदेश के हित बेचे गए हों। उन्होंने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में 5,000 बीघा जमीन कस्टमाइज पैकेज के नाम पर मात्र 1 करोड़ रुपए में बिना रजिस्ट्री बड़े उद्योगपतियों को दी गई, जहां आज तक कोई काम नहीं हुआ।
भाजपा से पूछकर निर्णय लेने की जरूरत नहीं
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के बाहरी प्रत्याशी उतारने संबंधी बयान पर नेगी ने कहा कि कांग्रेस अपने फैसले खुद लेगी। हमें भाजपा से पूछकर निर्णय लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गुटबाजी से जूझ रही है और पहले अपने संगठन को संभाले। नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री बड़े दिल से भाजपा को हिमाचल के हित में साथ आने का न्यौता दे रहे हैं, क्योंकि यह सत्ता की नहीं, प्रदेश के हितों की लड़ाई है। सीएम नहीं चाहते कि यदि संकट के समय भाजपा साथ नहीं देती तो इतिहास में यह दर्ज होगा कि जब हिमाचल को जरूरत थी तब वे पीछे हट गए। नेगी ने कहा कि दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ बैठक होगी। इसमें संगठन और सरकार के स्तर पर आरडीजी सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

