Shimla: 2.59 गुणांक विकल्प से ठगे गए डेढ़ लाख कर्मचारी
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 07:04 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): जनवरी 2022 में छठे वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मचारियों को तीन विकल्प दिए गए थे। वर्ष 2016 से बढ़ा वेतन फिक्स करवाने के लिए कर्मचारियों को पहले विकल्प में 2.59 गुणांक फिटमैंट फैक्टर के तहत पुराने बेसिक वेतन को 2.59 से गुणा किया गया था और इस विकल्प में एरियर देय था। जिन कर्मचारियों ने यह विकल्प चुना, उन्हें संशोधित वेतन के साथ पूर्व अवधि का बकाया भुगतान मिलना था मगर 8555 करोड़ रुपए का यह भुगतान आज तक नहीं हुआ। इसके तहत मात्र 50 हजार एरियर पूर्व सरकार ने दिया था। दूसरे विकल्प में 2.25 गुणांक के तहत बेसिक वेतन को 2.25 से गुणा किया गया और वर्ष 2012 में मिले हायर पे स्केल को सीमित एरियर लाभ यथावत रखा गया, जिसे लगभग किसी ने भी स्वीकार नहीं किया।
तीसरे विकल्प में मूल वेतन में 15 प्रतिशत की बढ़ौतरी के साथ एक अतिरिक्त वार्षिक वेतन वृद्धि दी गई। यह मांग राजकीय टीजीटी कला संघ ने वित्त सचिव को भेजी है। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि वित्त विभाग के पास यदि एरियर भुगतान के लिए पर्याप्त बजट नहीं था तो 2.59 का विकल्प दिया ही नहीं जाना चाहिए था और सभी कर्मचारियों को समान रूप से 15 प्रतिशत अतिरिक्त इंक्रीमैंट का लाभ दिया जाना चाहिए था। 15 प्रतिशत विकल्प चुनने वाले कर्मचारी अतिरिक्त इंक्रीमैंट के कारण फायदे में रहे, जबकि 2.59 गुणांक चुनने वाले लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी एरियर के भुगतान से वंचित रह गए और स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
ऐसे में 15 प्रतिशत विकल्प चयन फिर से खोला जाए और जो कर्मचारी 2.59 विकल्प के तहत एरियर लाभ छोड़कर 15 प्रतिशत का लाभ देय तिथि से चाहते हैं, उनको वह विकल्प दिया जाए और मिल चुके 50 हजार एरियर को 15 प्रतिशत फैक्टर की इंक्रीमैंट के एरियर में समायोजित किया जाए। कर्मचारी संघ का कहना है कि अब वित्त विभाग द्वारा आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए एरियर भुगतान में असमर्थता जताई जा रही है, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। ऐसे में जो कर्मचारी स्वेच्छा से 15 प्रतिशत विकल्प में शिफ्ट होना चाहते हैं, उनको ये विकल्प दे दें, ताकि एरियर भुगतना राशि भी कम हो सके।

