Himachal: मंडी की पहाड़ियों में दिखा यह दुर्लभ जानवर, माना जा रहा शुभ संकेत
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 07:53 PM (IST)
मंडी (रजनीश): हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों और समृद्ध जैव विविधता का एक अद्भुत नजारा मंडी जिला के प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल पराशर में देखने को मिला है। यहां एक वन्यजीव फोटोग्राफर ने अत्यंत दुर्लभ हिमालयन रैड फॉक्स (पहाड़ी लाल लोमड़ी) को अपने कैमरे में कैद करने में सफलता हासिल की है। इस साइटिंग को मंडी जिला की समृद्ध वन्यजीव विरासत और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।
मंडी के जीव विज्ञान प्रवक्ता और वन्यजीव फोटोग्राफर सूरज भाटिया ने इस शानदार जीव को पराशर झील के समीपवर्ती वन क्षेत्र में देखा। सूरज के अनुसार यह लाल लोमड़ी पहाड़ी की एक ऊंची चोटी पर बर्फबारी के बाद खिली सुनहरी धूप का आनंद ले रही थी। आमतौर पर शर्मीले स्वभाव वाली और इंसानी आहट मिलते ही ओझल हो जाने वाली यह लोमड़ी काफी देर तक वहां शांत बैठी रही। सुनहरी-लाल फर और लंबी झाड़ीदार पूंछ वाली इस लोमड़ी की फुटेज देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो वह स्वयं अपने अस्तित्व का पुख्ता प्रमाण देने के लिए फोटोग्राफर को पर्याप्त समय दे रही हो।
पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का प्रतीक
तकनीकी रूप से वुल्पस मोंटाना कही जाने वाली यह प्रजाति अमूमन लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे अत्यधिक ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती है लेकिन लगभग 2,730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पराशर क्षेत्र में इसकी मौजूदगी विशेषज्ञों के लिए कौतूहल और खुशी का विषय है।
किसान मित्र और पर्यावरण रक्षक
पहाड़ी लाल लोमड़ी पर्यावरण को संतुलित रखने में नैचुरल कंट्रोलर की भूमिका निभाती है। यह मुख्य रूप से चूहों और फसलों को नुक्सान पहुंचाने वाले हानिकारक जीवों का शिकार करती है, जिससे उनकी आबादी नियंत्रित रहती है। इसकी उपस्थिति इस बात की पुष्टि करती है कि पराशर के आसपास का जंगल अभी भी अपनी मूल प्राकृतिक स्थिति में बरकरार है।
वन्यजीव फोटोग्राफर सूरज भाटिया का कहना है कि पराशर जैसे क्षेत्रों में रैड फॉक्स का दिखना एक स्वस्थ ईको-सिस्टम का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि यहां इन जीवों के लिए न केवल पर्याप्त भोजन उपलब्ध है, बल्कि उनका प्राकृतिक आवास भी सुरक्षित है।

