युवाओं के आगे हार रहा कांगड़ा का जिला पुस्तकालय

10/21/2019 12:29:26 PM

धर्मशाला (पूजा): बेरोजगारी की मार से जिला कांगड़ा भी उतना ही त्रस्त है, जितने कि देश-प्रदेश के अन्य हिस्से। बेरोजगारी के इस जाल से मुक्त होने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में युवक-युवतियां अध्ययन के लिए कांगड़ा के जिला पुस्तकालय में हाजिरी भर रहे हैं। जिला पुस्तकालय धर्मशाला में रोजगार प्राप्त करने की होड़ में इन युवाओं को सुबह सीट हासिल करने की जद्दोजहद से लेकर शाम तक अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सर्दियों के दिनों में पुस्तकालय खुलने का समय सुबह के 8 बजे निर्धारित है लेकिन सीट हासिल करने के चक्कर में युवा सुबह 6 बजे ही यहां कतारबद्ध हो रहे हैं। इतना ही नहीं जो युवा पुस्तकालय में सवा 8 बजे के बाद पहुंचते हैं उन्हें सीट नहीं मिल पा रही। इसके चलते उन्हें अपने बहुमूल्य समय का एक बड़ा हिस्सा बाहर ही व्यर्थ गंवाना पड़ रहा है। हालांकि इन समस्याओं को लेकर युवा शासन, प्रशासन के समक्ष बार-बार अपनी जायज मांगों को उठाता रहा है लेकिन राहत के नाम पर बड़े-बड़े दिलासे ही हाथ लगे हैं। 

स्टाफ की कमी

जिला पुस्तकालय में लंबे समय से स्टाफ की कमी चल रही है। इस स्टाफ की कमी के चलते पुस्तकालय में सफाई की भी उचित व्यवस्था नहीं है। पुस्तकालय में 7 कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से 3 पद रिक्त चल रहे हैं। आज हालत यह है कि जिला पुस्तकालय में अध्ययन करने वाले युवा ही हर माह 20-20 रुपए देकर सफाई व्यवस्था को चला रहे हैं।

2 साल से नहीं आईं प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें

जिला पुस्तकालय में पुरानी ही किताबें उपलब्ध हैं। पिछले 2 सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की एक भी किताब पुस्तकालय में नहीं आई है। पुस्तकालय में अध्ययन करने वाले युवाओं को अपनी किताबें खरीद कर ही पढ़ाई करनी पड़ती है। वर्तमान समय में पुस्तकालय में लगभग 70 हजार के करीब किताबें हैं जोकि पुरानी हैं। 


Ekta

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