Una: 60 वर्षीय रमेश चंद हर राेज साइकिल पर तय करते हैं 30 किलोमीटर सफर
punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 09:52 PM (IST)
जोल (नरेन्द्र शर्मा): आधुनिक दौर में जहां लोग कुछ कदम की दूरी तय करने के लिए भी बाइक और कार का सहारा लेने लगे हैं, वहीं उपमंडल अम्ब के साथ लगते गांव सुंकाली निवासी 60 वर्षीय रमेश चंद अपनी मेहनत, अनुशासन और सादगी से समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। करीब 40 वर्षों से रमेश चंद प्रतिदिन साइकिल पर अपने कार्यस्थल अम्ब पहुंचते हैं और आज भी उसी लगन व उत्साह के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं।
रमेश चंद 4 दशकों से अम्ब स्थित एक करियाने की दुकान में कार्यरत हैं। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी सुविधा को मेहनत पर हावी नहीं होने दिया। हर रोज लगभग 30 किलोमीटर का सफर साइकिल पर तय करना उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है। भीषण गर्मी, कड़ाके की ठंड, तेज बारिश या आंधी-तूफान कोई भी मौसम उनके हौसले को डिगा नहीं पाया।
स्थानीय लोगों के अनुसार रमेश चंद सुबह समय पर घर से निकलते हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपने काम पर पहुंचते हैं। उनकी दिनचर्या आज भी उतनी ही नियमित है जितनी वर्षों पहले थी। जिस उम्र में लोग आराम को प्राथमिकता देने लगते हैं, उस उम्र में रमेश चंद अपनी मेहनत और फिटनैस से युवाओं को भी पीछे छोड़ते नजर आते हैं। दुकान मालिक ने बताया कि रमेश चंद ने 40 वर्षों में शायद ही कभी छुट्टी ली हो।
वह हमेशा समय के पाबंद रहे हैं और कभी काम के प्रति लापरवाही नहीं दिखाई। सबसे बड़ी बात यह है कि वह शायद ही कभी बीमार पड़े हों। उनकी ईमानदारी, सादगी और काम के प्रति समर्पण ने उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई है। उनका पारिवारिक जीवन भी सुखद है। उनके 2 बेटे हैं। एक बेटा अम्ब कालेज में अनुबंध आधार पर कम्प्यूटर अध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहा है जबकि दूसरा विदेश में नौकरी करता है।
परिवार आर्थिक रूप से अच्छी स्थिति में होने के बावजूद रमेश चंद ने मेहनत करना नहीं छोड़ी। उनका मानना है कि व्यक्ति को जीवन में हमेशा सक्रिय रहना चाहिए और मेहनत से कभी दूरी नहीं बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइकिल ही उनकी अच्छी सेहत और ऊर्जा का सबसे बड़ा राज है। उनका मानना है कि नियमित शारीरिक मेहनत इंसान को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाती है। वह युवाओं को भी संदेश देते हैं कि जीवन में मेहनत, अनुशासन और सादगी को अपनाकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।

