Himachal: एशियन गेम्स में मेडल जीतकर घर लौटी चम्बा की उड़नपरी सीमा, पैतृक गांव में ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत
punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 06:48 PM (IST)
चम्बा (गायत्री): जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने वाली चम्बा की उड़नपरी व अंतर्राष्ट्रीय धाविका सीमा कुमारी का रविवार को गृह जिला चम्बा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। विश्वस्तरीय एथलीटों के बीच तिरंगा लहराने वाली पहाड़ की इस बेटी के सम्मान में जगह-जगह जश्न का माहौल देखने को मिला।
रविवार दोपहर जब सीमा कुमारी चम्बा के उदयपुर पहुंचीं, तो वहां एक निजी स्कूल परिसर में उनके लिए विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान सीमा कुमारी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने और मेडल जीतने के अपने अनुभव लोगों के साथ साझा किए। अपने स्वागत से अभिभूत सीमा ने कहा कि जब मैं देखती थी कि अन्य राज्यों की बेटियां अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर घर लौटती हैं और उनका भव्य स्वागत होता है, तो मुझे भी ऐसा ही सपना आता था। आज मुझे जो प्यार और सम्मान मिला है, उससे मैं बेहद खुश हूं। उन्होंने कहा कि लोगों का यह प्रोत्साहन उन्हें भविष्य की खेल यात्रा में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
उदयपुर में अभिनंदन स्वीकार करने के बाद रविवार शाम सीमा कुमारी अपने पैतृक गांव रेटा के लिए रवाना हुईं। गांव की सीमा में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर अपनी लाडली बेटी का जोरदार स्वागत किया। गांव से लेकर उनके घर के आंगन तक पूरी तरह उत्सव जैसा माहौल बना रहा। घर की चौखट पर पहुंचते ही सीमा की मां केसरी देवी और भाई राज कुमार ने गर्व के साथ अपनी बेटी का स्वागत किया। यह पल परिवार और ग्रामीणों के लिए बेहद भावुक करने वाला था।
सीमा कुमारी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सीमा ने न केवल चम्बा और हिमाचल का गौरव बढ़ाया है, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत से पहाड़ की अन्य बेटियों के लिए भी सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है।
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