Himachal: भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा के साथ अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा संपन्न, माता सीता संग रथ में विराजमान हुए प्रभु श्रीराम
punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 07:28 PM (IST)
कुल्लू (शम्भू/दिलीप): अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ जी की भव्य रथ यात्रा के साथ सात दिवसीय ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव मंगलवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गया। इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ की डोर खींचकर और उसे स्पर्श कर पुण्य कमाया। रथ यात्रा के दौरान पूरा ढालपुर मैदान 'जय श्रीराम' के उद्घोष से गूंज उठा। दशहरा उत्सव के अंतिम दिन रथ यात्रा की शुरुआत ढालपुर स्थित भगवान रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर के पास से हुई। रथ में भगवान रघुनाथ और भ्राता लक्ष्मण सवार हुए और लंका दहन के लिए निकले। हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ रथ को खींचा और उसे कैटल ग्राउंड तक पहुंचाया। इस भव्य देव यात्रा में कई स्थानीय देवी-देवता भी भगवान रघुनाथ जी के रथ के साथ-साथ चले।
झाड़ियां जलाकर निभाई गई लंका दहन की अनूठी रस्म
कुल्लू दशहरे में लंका दहन की परंपरा देश के अन्य हिस्सों से बिल्कुल अलग है। यहां दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण या मेघनाद के पुतले नहीं जलाए जाते, बल्कि प्रतीक के तौर पर झाड़ियों को आग लगाकर लंका दहन किया जाता है। भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह, कारदार दानवेंद्र सिंह, हितेश्वर सिंह व आदित्य विक्रम सिंह सहित अन्य देवलुओं ने देवी हिडिम्बा के साथ लंकाबेकर जाकर एक बावड़ी के पास कुछ झाड़ियां जलाकर इस प्राचीन रस्म का निर्वहन किया।

माता सीता के साथ वापस लौटा भगवान रघुनाथ का रथ
लंकाबेकर में लंका दहन की रस्म पूरी करने के बाद राज परिवार के सदस्य और देवलू कैटल ग्राऊंड में खड़े भगवान रघुनाथ जी के रथ के पास वापस लौटे। इसी दौरान भगवान रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर की तरफ से माता सीता की पालकी भी कैटल ग्राऊंड पहुंची। इसके बाद माता सीता भगवान रघुनाथ और लक्ष्मण जी के साथ रथ में विराजमान हुईं। हजारों श्रद्धालुओं ने भारी उत्साह और जय श्रीराम के जयकारों के साथ रथ को वापस मोड़ा और उसे खींचकर रथ मैदान तक पहुंचाया।
देवी-देवताओं ने ली विदाई, देवालयों की ओर वापसी शुरू
रथ मैदान पहुंचने के बाद भगवान रघुनाथ जी, माता सीता और लक्ष्मण जी ने उत्सव में शामिल सभी देवी-देवताओं से विदाई ली। इसके बाद वे पालकी में सवार होकर अपने मूल स्थान रघुनाथपुर की ओर प्रस्थान कर गए। भगवान रघुनाथ जी से विदा लेने के पश्चात कई देवी-देवताओं ने मंगलवार को ही अपने देवालयों की ओर रुख कर लिया, जबकि शेष बचे कई देवी-देवता बुधवार को ढालपुर मैदान से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करेंगे।
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