Weather Update: कुदरत के सर्द प्रहार से कांपी देवभूमि, मैदानी इलाकाें में 11 जनवरी तक कोहरे का यैलो अलर्ट

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 12:20 PM (IST)

शिमला: देवभूमि हिमाचल इन दिनों कुदरत के सर्द प्रहार से ठिठुर रही है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने पहाड़ों से लेकर मैदानों तक जनजीवन को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। आलम यह है कि राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में अब सूरज की किरणें भी बेअसर साबित हो रही हैं। ताबो जैसे इलाकों में तो दिन के वक्त भी तापमान जमाव बिंदु (माइनस) से ऊपर नहीं उठ पा रहा है, जिससे वहां की जिंदगी पूरी तरह फ्रीज हो गई है।

बर्फीली हवाओं से लुढ़का पारा
बीते दिनों रोहतांग, सोलंगनाला और पांगी की चोटियों पर हुई बर्फबारी के बाद बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। स्थिति यह है कि राज्य के 9 प्रमुख स्थानों पर रात का तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) चला गया है, जबकि दो स्थानों पर यह शून्य पर टिका हुआ है। सबसे डराने वाले आंकड़े जनजातीय क्षेत्रों से आए हैं, जहां ताबो में -9.4 और कुकुमसेरी में -9.2 डिग्री सैल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा कल्पा, मनाली, कुफरी और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर भी रातें बेहद सर्द गुजर रही हैं। शिमला में खिली धूप के बावजूद न्यूनतम तापमान मात्र 1.5 डिग्री सैल्सियस बना हुआ है। सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान 0.7, भुंतर 0.5, कल्पा -5.2, धर्मशाला 4.8, ऊना 5.8, नाहन 5.0, पालमपुर 2.0, सोलन -1.1, मनाली -1.4, कांगड़ा 2.5 , मंडी 2.1, बिलासपुर 2.5, हमीरपुर 2.8, जुब्बड़हट्टी 3.6, कुफरी -1.3, नारकंडा -2.9, रिकांगपिओ -2.0, सेऊबाग -0.5, बरठीं 0.9, पांवटा 9.0, सराहन 4.1, देहरागोपीपुर 7.0, नेरी 4.2 व बजाैरा में 1.3 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया है। 

कोहरे की चादर में लिपटे मैदानी इलाके
पहाड़ों पर जहां बर्फ की ठंडक है, वहीं मैदानी इलाके घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं। मौसम विभाग ने बिलासपुर, ऊना, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा सहित सोलन-सिरमौर के कुछ हिस्सों में 11 जनवरी तक घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी किया है। ऊना में धुंध का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है, जहां दृश्यता सिमटकर महज 5 मीटर रह गई है। बिलासपुर और पांवटा साहिब में भी मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नदियों पर असर, बिजली उत्पादन ठप्प
भीषण ठंड का असर अब केवल आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों पर भी पड़ने लगा है। कड़ाके की ठंड के कारण ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार कम हो गई है, जिससे नदियों का जलस्तर घट गया है। इसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। रावी नदी का जलस्तर घटने से होली क्षेत्र में स्थित दो विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप्प हो गया है। इसके अलावा ताबो में तो दिन का अधिकतम तापमान भी -0.1 डिग्री दर्ज किया गया, यानी वहां दिन में भी बर्फ पिघलने का नाम नहीं ले रही है।

13 जनवरी तक राहत की उम्मीद नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने स्पष्ट किया है कि प्रदेशवासियों को अभी ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पूर्वानुमान के अनुसार 13 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा, लेकिन यह सूखी ठंड और ज्यादा परेशान करेगी। 7 और 8 जनवरी को कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने का यैलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में दिन में धूप खिलने से पर्यटकों को थोड़ी राहत जरूर मिल रही है, लेकिन शाम होते ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।


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Vijay

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