लाहौल-स्पीति में चंद्रा नदी के कैचमेंट में कचरा फेंके जाने पर NGT सख्त, दी ये चेतावनी

punjabkesari.in Friday, Jan 30, 2026 - 06:07 PM (IST)

Himachal News: राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र लाहौल-स्पीति में ठोस कचरे के लगातार डंप किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और चेतावनी दी कि चंद्रा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में बार-बार कचरा फेंका जा रहा है, जिससे यह हिमनद-आधारित महत्वपूर्ण नदी गंभीर खतरे में है।

पर्यावरण संगठन ‘फ्रेंड्स' की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केलांग के पास शाकस और बिलिंग नालों में पहाड़ी ढलानों और नालों के किनारे बड़े पैमाने पर कचरा डाला जा रहा है। यहां से प्लास्टिक और अन्य गैर-जैव अपघटनीय कचरा बर्फ पिघलने और वर्षा के दौरान आसानी से चंद्रा नदी में बह सकता है। एनजीटी ने सिस्सू-कोकसर सड़क और अटल टनल के नॉर्थ पोटर्ल के पास भी कचरा फैले होने की बात कही। वहां की साइड ड्रेनों के जरिए यह कचरा स्थानीय जलधाराओं में जा रहा है, जो आगे नदी प्रणाली से जुड़ती हैं।

एनजीटी ने जताई चिंता

एनजीटी ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बिलिंग स्थित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी क्षमता से अधिक भरी हुई है, वहां वेटब्रिज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और कचरा प्रसंस्करण एवं निपटान से जुड़े कोई रिकॉर्ड नहीं रखे जा रहे हैं। एनजीटी ने यह भी पाया कि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा), केलांग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत अनिवार्य उपविधियां अब तक नहीं बनाई हैं और न ही घर-घर कचरा संग्रहण के लिए उपयोगकर्ता शुल्क अधिसूचित किया गया है। एनजीटी ने कहा कि उसके पूर्व निर्देशों के बावजूद 'लगभग कोई प्रगति नहीं' हुई है। इसके मद्देनजर अधिकरण ने केलांग के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे 15 अप्रैल 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले शपथपत्र सहित विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 
 


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Content Editor

Swati Sharma

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