Kangra: हिमाचल शिक्षा बोर्ड ने अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा को दी 12वीं के समकक्ष मान्यत
punjabkesari.in Monday, Jul 20, 2026 - 07:46 PM (IST)
धर्मशाला (सुनील) : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अमेरिका के अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा को राज्य की 12वीं कक्षा के बराबर मान्यता दे दी है। इस फैसले से अमेरिका या विदेश के मान्यता प्राप्त बोर्ड से पढ़ाई करके लौटे छात्रों के लिए अब हिमाचल के कालेजों और विश्वविद्यालयों में आगे की पढ़ाई के लिए दाखिला लेना बेहद आसान हो जाएगा। अब उन्हें एडमिशन के समय किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनका समय भी बचेगा। शिक्षा बोर्ड के अनुसार, यह मान्यता मुख्य रूप से अमेरिका की नॉर्थ-वैस्ट एक्रीडिटेशन कमीशन (एनडब्ल्यूएसी) से संबद्ध स्कूलों द्वारा जारी 12वीं ग्रेड के डिप्लोमा पर लागू होगी। बोर्ड ने यह नीतिगत निर्णय भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बोर्ड से पढ़कर आए छात्रों को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है।
बोर्ड प्रशासन ने अधिसूचना में एक मुख्य शर्त भी स्पष्ट कर दी है। इस अमेरिकन डिप्लोमा को हिमाचल बोर्ड की 12वीं के बराबर मानने का यह फैसला केवल कालेजों और विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने तक ही सीमित रहेगा। सरकारी या गैर-सरकारी नौकरियों और अन्य किसी प्रयोजन के लिए इसके नियम व शर्तें अलग हो सकती हैं। किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोकने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत किसी भी छात्र को कालेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश देने से पहले उसके प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता की जांच अनिवार्य होगी। संबंधित शैक्षणिक संस्थान को डिप्लोमा जारी करने वाली संस्था (एनडब्ल्यूएसी) से इसका सही सत्यापन करवाना होगा, जिसके बाद ही छात्र को दाखिला मिल सकेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विदेशी मान्यता प्राप्त संस्थानों से पढ़े छात्रों के हित में यह फैसला लिया है। एनडब्ल्यूएसी से मान्यता प्राप्त अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा को अब प्रदेश में 12वीं के समकक्ष माना जाएगा। हालांकि, यह सुविधा केवल उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए ही मान्य होगी और संस्थानों को दाखिला देने से पहले डिप्लोमा का सत्यापन करवाना अनिवार्य रहेगा। इससे छात्रों को दाखिला लेने में आसानी होगी।

