Hamirpur: पैट्रोल-डीजल पर सैस बढ़ाकर सुक्खू सरकार ने जनता की जेब पर डाका डाला : अनुराग ठाकुर
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 04:18 PM (IST)
हमीरपुर (राजीव): पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने दिल्ली में दिए प्रैस बयान में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पैट्रोल-डीजल पर सैस लगाए जाने पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का हिमाचल में खटाखट मॉडल अब खटारा मॉडल बन चुका है। सरकार लगातार टैक्स, वैट व सैस बढ़ाकर आम जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के महज 2 महीनों में ही वैट में बढ़ौतरी की गई व डीजल पर वैट बढ़ाकर 10.40 रुपए कर दिया गया और इसके बाद 5 रुपए का अतिरिक्त सैस लगाया गया।
उन्होंने कहा कि तेल के माध्यम से आम आदमी की जेब पर यह चौथा हमला है। उन्होंने कहा कि पैट्रोल-डीजल के बाद बस किराया व सीमैंट के दाम बढ़ाकर पहले ही जनता की मुश्किलें बढ़ाई जा चुकी हैं और अब फिर ईंधन महंगा कर प्रदेशवासियों का मासिक बजट बिगाड़ने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल का ट्रक चालक, किसान, व्यापारी व आम उपभोक्ता महंगे पैट्रोल-डीजल की मार झेल रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश की जनता टैक्स की मार झेल रही है, तो दूसरी तरफ प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। वहीं कांग्रेस सरकार अब कर्ज और टैक्स के सहारे चलने वाली सरकार बन गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नीतियों से हिमाचल का खजाना खाली करने और प्रदेश को 1.10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कर्ज के दलदल में धकेलने के बाद अब टैक्स, वैट व सैस के जरिए जनता से वसूली कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार की जा रही इस अतिरिक्त वसूली का पैसा आखिर प्रदेश के खजाने में जा रहा है या फिर कांग्रेस के हाईकमान और उसके मित्रों की सुविधा के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले ही ईंधन पर टैक्स लगाकर जनता से हजारों करोड़ रुपए वसूल चुकी है और अब सैस के नाम पर एक और आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने की बजाय कांग्रेस सरकार लगातार नए-नए बहाने ढूंढकर आम आदमी पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में इससे अधिक विफल सरकार दूसरी नहीं हुई, जिसने प्रदेश के हर वर्ग को महंगाई और आर्थिक बोझ के नीचे दबा दिया है।

