हिमाचल में कुदरत का कहर: चम्बा के भरमाैर में ग्लेशियर गिरने से वाहनाें और दुकानाें काे नुक्सान, राज्य में 3 NH समेत 850 से ज्यादा सड़कें बंद
punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 11:53 AM (IST)
शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीती रात पहाड़ाें पर भारी बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। इस भारी बर्फबारी के बीच चम्बा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। भरमौर की पूलन पंचायत स्थित ओट नाला में बीती रात एक ग्लेशियर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 2 पिकअप गाड़ियां और 3 दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले करीब 50 वर्षों में पहली बार इतना बड़ा ग्लेशियर गिरने की घटना सामने आई है, जिससे लोग डरे व सहमे हुए हैं। वहीं, लाहौल-स्पीति में रात 10:30 बजे भयानक बर्फीला तूफान चला, जिससे जनजीवन पूरी तरह सहम गया।
रोहतांग दर्रे में 3 फुट हिमपात दर्ज
प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थलों पर भारी हिमपात दर्ज किया गया है। मनाली और भरमौर में करीब 1.5 फुट ताजा बर्फ गिरी है। रोहतांग दर्रे में सबसे अधिक 3 फुट, केलांग में 2 फुट, और गोंदला में 1.5 फुट बर्फबारी हुई। राजधानी शिमला के ऊपरी इलाकों में भी बर्फ का कब्जा है। कुफरी में 6 इंच, नारकंडा में 8 इंच, जाखू में 3 इंच और ऐतिहासिक रिज मैदान पर 1 इंच बर्फ दर्ज की गई। इस भारी हिमपात के चलते अपर शिमला, चम्बा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के सैंकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट गया है।
खतरनाक हुई सड़कें, मनाली में 360 डिग्री घूम गई कार
बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन जानलेवा साबित हो रही है। बीती रात मनाली में फिसलन के कारण एक कार सड़क पर ही 360 डिग्री घूम गई। गनीमत रही कि सड़क सीधी थी और आगे कोई अन्य वाहन नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
850 से ज्यादा सड़काें पर थमी वाहनों की रफ्तार
प्रदेश की लाइफलाइन मानी जाने वाली कई प्रमुख सड़कें भारी बर्फबारी के चलते बंद हो गई हैं। शिमला-रामपुर-किन्नौर नेशनल हाईवे कुफरी से फागू और नारकंडा के बीच अवरुद्ध है। इसके अलावा ठियोग-रोहड़ू एनएज खड़ापत्थर में और ठियोग-चौपाल हाईवे खिड़की के पास बंद पड़ा है। कुल्लू-मनाली क्षेत्र में एनएज-305 (औट-बंजार-सैंज), मनाली-केलांग और चंबा-भरमौर एनएच सहित पूरे प्रदेश में 850 से अधिक सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं। हालांकि, आज धूप खिलने के बाद प्रशासन ने युद्धस्तर पर बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है।
ब्लैकआऊट का संकट, 3200 ट्रांसफॉर्मर ठप्प
बर्फबारी का सबसे बुरा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। प्रदेश भर में 3200 से अधिक बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप्प हो गए हैं, जिससे सैंकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से 1500 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर पिछले 6 दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कड़ाके की ठंड में जमा पानी और लुढ़का पारा
ताजा बर्फबारी ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। औसत अधिकतम तापमान में सामान्य से 5 डिग्री सैल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में सबसे ज्यादा 9 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 12.8 डिग्री पर पहुंच गया है। वहीं मंडी, सुंदरनगर और सोलन में भी पारे में भारी गिरावट आई है। हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड का असर यह हुआ है कि लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चम्बा के पांगी और भरमौर जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में पानी की टंकियां और पाइप जम गए हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

