इस मंडी में किसानों को नहीं मिलती मूलभूत सुविधा

3/1/2021 3:31:13 PM

बड़ूही (अनिल) : किसानों की आय दोगुनी करने और उनके उत्पादों को मंडियों में सही दाम मिल सके इसके बड़े बड़े दावे सरकार अक्सर करती रहती है लेकिन हकीकत इससे अलग है। किसान अपने उत्पाद अनाज और सब्जी मंडी के माध्यम से बेचता है लेकिन वहां  कैसी सुविधाएं उपलब्ध है, इस बात का मुंह बोलता प्रमाण टकारला अनाज और सब्जी मंडी है। अनाज और सब्जी मंडी में हालात यह  हैं कि दुकानदारों के लिए ना तो शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था है और न ही सफाई की ओर ध्यान दिया जा रहा है। मार्केट के सदस्यों जसवीर सिंह, अनिल कुमार, अमित मनकोटिया और सुशील कुमार ने बताया कि जब किसान अपनी फसल लेकर सब्जी मंडी पहुंचता है तो उसके लिए यहां मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। यहां स्वच्छता नहीं है, जहाँ शौचालय तक लंबे अरसे से बंद पड़ा है तो वही यहां आने जाने वाले तमाम किसानों और खरीदारों के लिए भी एक बड़ी मुसीबत बन गया है।

उन्होंने कहा कि मार्केट फीस  से लेकर हर महीने मोटा किराया देने के बावजूद कमेटी यहां मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध करवाने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि यहां शेडनुमा छोटी सी दुकानों का किराया लगभग 25 हजार रुपया दिया जा रहा है, लेकिन अब जब गर्मी के मौसम में सब्जी  का नुकसान होना शुरू हो जाता है तो हमने यहां अपने खर्चे पर अस्थायी शेड बनवाने का काम जैसे ही शुरू किया तो कमेटी ने तानाशाही रवैया अख्तियार करते हुए हमें न तो काम करने दिया और जो पोल लगाए गए थे उन्हें भी उखाड़ दिया। दुकानदारों ने कृषि मंत्री वीरेंद्र कँवर से माँग की है कि वह इस ज्वलंत समस्या की ओर ध्यान देकर इन समस्याओं का तुरंत निराकरण करें ताकि किसान किसानी के साथ साथ यहां आने वाले अंक काम कर रहे दुकानदारों को भी लाभ मिल पाए। 

गौरतलब है कि यहां सब्जी और अनाज मंडी के साथ सीड ग्रेडिंग सेंटर का निर्माण भी होना था, जिसके लिए बकायदा 30 लाख रुपया का बजट तय हो गया लेकिन बावजूद इसके ये लंबे समय से अपने निर्माण की बाट जोह रहा। हालांकि भारतीय किसान संघ ने इस मामले को जोर शोर से विधायक बलवीर चैधरी और कृषि मंत्री वीरेंद्र कँवर के समक्ष उठाया था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। हालांकि जब लोगों ने सीड ग्रेडिंग सेंटर का मामला कृषि मंत्री के समक्ष उठाया था तो उन्होंने निर्माण न करने वाली एजेंसी का टेंडर रद्द कर इसको नए सिरे से तैयार करके चलाने के लिए कहा था कि 31 मार्च 2021 से पहले न केवल इसका निर्माण बल्कि इसका लोकार्पण भी कर दिया जाएगा, लेकिन हालात यह के निर्माण के नाम पर यहां सीड़ ग्रेडिंग सेंटर के निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं लग पाई है। किसानों का कहना है कि यहां सीड ग्रेडिंग सेंटर का निर्माण तो शुरु हो नहीं पाया लेकिन किसानों को अनाज और सब्जी मंडी में भी सुविधा न के बराबर मिल पा रही है। 

कमेटी के सचिव सरबजीत सिंह से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा था कि ये होलसेल मार्केट है ना कि रिटेल इसलिए यहां अतिरिक्त शेड बनाने की कोई जरूरत नहीं है और न ही इसकी अनुमति दी गई है। अत्यधिक किराया देने के बारे उन्होंने कहा कि यहां बोली के समय 1380 रुपये प्रति दुकान किराया रिजर्व बोली रखी गई थी, लेकिन दुकानदारों ने अपनी बोली खूब बढ़ा बढ़ाकर 25 हजार पहुंचा दी, इसमें विभाग का क्या दोष है। उन्होंने कहा कि कमेटी ने रेजोल्यूशन डाला है और जहां तक टॉयलट की बात है मामला उनके ध्यान में है, अब बकायदा सेप्टिक टैंक बनाकर शौचालय जल्द शुरू किए जाएंगे और इसके लिए बकायदा टेंडर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुकानों के बाहर पहले ही इनको एक्सटेंशन करके शेड बनाया जा चुका है और अब इससे आगे अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि ऊना में भी ऐसा नहीं है यहां दुकानों के बाहर 15 फुट का शेड बनाकर दिया गया है और अब इससे आगे नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सब्जी मंडी किसानों के लिए है और किसानों के लिए विभाग हमेशा खड़ा है। 

चिंतपूर्णी के विधायक बलवीर सिंह चैधरी ने कहा कि मामला मीडिया के द्वारा उनके ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि सब्जी और अनाज मंडी सहित तमाम किसान और किसानी से जुड़ी चीजें महत्वपूर्ण है लिहाजा इस विषय में कृषि मंत्री से बात कर जल्द ही मुद्दों को सुलझाया जाएगा ताकि किसानों को इसका लाभ मिल पाए। कृषि मंत्री वीरेंद्र कवर ने कहा कि सब्जी मंडी में जो भी समस्याएं चल रही है उनका जल्द निराकरण कर दिया जाएगा। जो सीड ग्रेडिंग सेंटर का काम है वह भी जल्द शुरू किया जा रहा है। सरकार किसान पर किसानी के लिए प्राथमिकता के आधार पर न केवल बजट उपलब्ध करवा रही है बल्कि उनके हित में इसको खर्चा भी जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी सुधार की गुंजाइश है अवश्य किया जाएगा। 
 


Content Writer

prashant sharma

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