मंडी शिवरात्रि में गूंजी देववाणी: परंपराओं से छेड़छाड़ पर देव पुंडरीक ऋषि की चेतावनी, कहा-''नियम टूटे तो भुगतने होंगे परिणाम''
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 09:01 AM (IST)
मंडी (फरेंद्र ठाकुर): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में चल रहे ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान सराज घाटी के आराध्य देव पुंडरीक ऋषि ने देववाणी के माध्यम से बड़ा संदेश दिया है। देवता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि देव परंपराओं, प्राचीन नियमों और देवस्थलों की पवित्रता के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो देवभूमि को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
आने वाले समय में बढ़ सकते हैं संकट
देवता के पुजारी सोहन ने बताया कि देववाणी में भविष्य को लेकर भी चिंता जताई गई है। देवता ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में देश-दुनिया और हिमाचल प्रदेश पर प्राकृतिक या अन्य संकट आ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वस्त किया है कि अठारह करडू देवता अपनी 'रक्षा छाया' बनाए रखेंगे और भक्तों की रक्षा करेंगे, लेकिन इसके लिए मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है।
स्थान बदलने पर देवता हुए नाराज
इस बार महाशिवरात्रि महोत्सव में देवताओं के बैठने की व्यवस्था (आसन) में किए गए बदलावों पर देव पुंडरीक ऋषि ने नाराजगी व्यक्त की। देववाणी में कहा गया कि दशकों से जो स्थान जिस देवता के लिए निर्धारित है, उसे बदला नहीं जाना चाहिए। कुल्लू का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा और मंडी की शिवरात्रि अठारह करडू देवताओं के प्रमुख आयोजन हैं, जिनका अपना अनुशासन है। इन व्यवस्थाओं को तोड़ना देव मर्यादा का उल्लंघन है।
छोटी काशी हमारी, नहीं आने देंगे आंच
चेतावनी के साथ-साथ देवता ने आशीर्वाद भी दिया। उन्होंने कहा कि छोटी काशी (मंडी) हमारी है और इस पर हम कोई आंच नहीं आने देंगे। देव संदेश में स्पष्ट किया गया कि देवता सदैव रक्षा कवच बनकर खड़े हैं, बशर्ते समाज और प्रशासन देव नियमों का सम्मान करें। देवता ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे देव संस्कृति को सिर्फ मेला या उत्सव न समझें, बल्कि इसे जीवन पद्धति मानकर इसकी पवित्रता को बचाए रखें।

