Shimla: टैक्नोमैक बैंक घोटाले में ED की ओडिशा में दबिश, लग्जरी गाड़ियों सहित कैश व ज्वैलरी जब्त

punjabkesari.in Sunday, Aug 31, 2025 - 07:04 PM (IST)

शिमला (संतोष): टैक्नोमैक बैंक घोटाले के मामले में ईडी शिमला की टीम ने ओडिशा में छापामारी करते हुए यहां कई लग्जरी वाहनों को इंपाऊंड किया है। करोड़ों के बैंक धोखाधड़ी मामले की मनी लांड्रिंग जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिमला की टीम ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें शक्तिरंजन दास का आवास और उनकी कंपनियों एम/एस अनमोल माइन्स प्राइवेट लिमिटेड (एएमपीएल) तथा एम/एस अनमोल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (एआरपीएल) के कारोबारी ठिकाने शामिल थे। 

भुवनेश्वर में हुई तलाशी के दौरान ईडी ने शक्ति रंजन दास और उनकी कंपनियों से जुड़ी 10 लग्जरी गाडियां और 3 सुपर बाइक जब्त कीं। जब्त वाहनों में पोर्शे केयेन, मर्सिडीज बैंज जीएलसी, बीएमडब्ल्यू-एक्स7, ऑडी ए-3, मिनी कूपर और होंडा गोल्ड विंग बाइक शामिल है। इन वाहनों की कीमत करीब 7 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसके अलावा ईडी ने 13 लाख रुपए नकद, लगभग 1.12 करोड़ रुपए की ज्वैलरी और शक्ति रंजन दास से जुड़ी कई संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद किए हैं। साथ ही उनके नाम पर चल रहे दो लॉकरों को भी फ्रीज किया गया है।

यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। मामला हिमाचल प्रदेश की चर्चित कंपनी मैसर्ज इंडियन टैक्नोमैक कंपनी लिमिटेड (आईटीसीओएल) से जुड़े करीब 1396 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी ने जांच की शुरूआत सीआईडी, हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी। आरोप है कि आईटीसीओएल के निदेशकों ने बैंकों से मिली भारी भरकम ऋण राशि को फर्जी परियोजना रिपोर्ट और सेल कंपनियों को दिखाकर हड़प लिया। 2009 से 2013 के बीच कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के संघ से ऋण लिया, लेकिन यह ऋण उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया जिसके लिए स्वीकृत किया गया था।

ईडी के मुताबिक अब तक की जांच में सामने आया कि आईटीसीओएल और उसकी सेल कंपनियों ने करीब 59.80 करोड़ रुपए ओडिशा स्थित अनमोल माइन्स प्राइवेट लिमिटेड के खातों में ट्रांसफर किए। ईडी ने पाया कि कंपनी के प्रबंध निदेशक शक्ति रंजन दास ने आईटीसीओएल के प्रमोटर राकेश कुमार शर्मा की मदद करते हुए इन फंड्स को खनन कारोबार में लगाया और फिर इन्हें वैध दिखाने के लिए खातों में साफ-सुथरा दर्शाया गया। इससे पहले ईडी इस मामले में 310 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इनमें से 289 करोड़ रुपए की संपत्ति अप्रैल 2025 में बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के संघ को वापस कर दी गई थी।


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Vijay

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