Shimla: मनी लांड्रिंग केस में हिमाचल सहित यूपी, पंजाब व हरियाणा में संपत्ति जब्त
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 09:56 PM (IST)

शिमला (संतोष): मनी लांड्रिंग केस में हिमाचल सहित यूपी, पंजाब व हरियाणा में संपत्तियां जब्त की गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत 26 अगस्त को एक अंतिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किया है, जिसमें क्यूएफएक्स/वाईएफएक्स/यॉर्कर एफएक्स/बोलब्रो घोटाला मामले में आरोपी व्यक्तियों, एजैंटों और उनके परिवार के सदस्यों की 9.31 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है, जिसे नवाब उर्फ लवीश चौधरी ने राजेंद्र कुमार सूद और अन्य के साथ मिलकर अंजाम दिया था। कुर्क की गई संपत्तियों में 45 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें आवासीय फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि शामिल है, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों में फैली हुई है, साथ ही बैंक बैलेंस के रूप में चल संपत्ति भी शामिल है। जांच से पता चला है कि ये संपत्तियां 2019 और 2025 के बीच घोटाले की अवधि के दौरान अपराध की आय (पीओसी) का उपयोग करके कई बैंक खातों के माध्यम से अर्जित की गई हैं।
पीएओ में विस्तृत कार्यप्रणाली एक विशिष्ट पोंजी-सह-एमएलएम योजना को दर्शाती है, जहां निवेशकों के धन को डायवर्ट किया गया, विभिन्न खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया और अंत में अचल संपत्ति और पारिवारिक संपत्ति में स्थानांतरित कर दिया गया। क्यूएफएक्स समूह ने विदेशी मुद्रा व्यापार के माध्यम से उच्च मासिक रिटर्न (5-6 प्रतिशत) का वायदा करके निवेशकों को आकर्षित किया, हालांकि वास्तव में कोई ट्रेडिंग बैंक नहीं था। यह पीओसी क्यूएफएक्स समूह की संस्थाओं जैसे कि क्यूएफएक्स डिजिटल सर्विसिज, क्यूएफएक्स एजुकेशन, एटलांट्योर स्पोर्ट्स एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड अन्य के अलावा कई बैंक खातों में वितरित किए गए थे और फिर इन खातों से आरोपियों, उनके परिवार के सदस्यों और एजैंटों जैसे कि केवल किशन, दिनेश कुमार चोपड़ा, चमन लाल, साजिद अली, राशिद अली आदि के खातों में स्थानांतरित कर दिए गए थे।
पीएओ ने इस मामले में ईडी की 11 फरवरी, 2025 और 4 जुलाई, 2025 को की गई पिछली कार्रवाई के सिलसिले में यह कार्रवाई की है, जब क्यूएफएक्स ग्रुप ऑफ कंपनीज, उसके प्रमोटरों और एजैंटों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। उस कार्रवाई के दौरान ईडी ने 394 करोड़ रुपए के पीओसी वाले 194 खच्चर बैंक खातों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था, जिनकी पहचान क्यूएफएक्स के उस धन शोधन नैटवर्क के हिस्से के रूप में की गई थी, जिसका इस्तेमाल पीओसी की लेयरिंग के लिए किया जाता था। इन तलाशियों और अनुवर्ती जांच से ऐसे सबूत सामने आए, जिनसे पता चला कि धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं के जरिए जुटाई गई धनराशि को उनके अवैध स्रोतों को छिपाने के लिए चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियों में डायवर्ट और पुनर्निवेशित किया गया था।
क्यूएफएक्स समूह के खिलाफ मामला हिमाचल प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में आईपीसी, बीएनएस और प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (बैनिंग) एक्ट के प्रावधानों के तहत दर्ज कई एफआईआर से उपजा है। इसलिए 9.31 करोड़ रुपए की वर्तमान पीएओ, समूह की आपराधिक आय पर एक और कार्रवाई का प्रतिनिधित्व करती है। इसमें से 8.20 करोड़ रुपए 27 एकड़ से अधिक की 45 अचल संपत्तियों से संबंधित है और 1.1 करोड़ रुपए चल संपत्तियों से संबंधित है।