Kangra: एसओएस परीक्षा में लापरवाही पर 129 अध्ययन केंद्रों को बोर्ड की चेतावनी
punjabkesari.in Thursday, Sep 17, 2026 - 07:47 PM (IST)
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य मुक्त विद्यालय के सितम्बर-2026 सत्र में भारी लापरवाही बरतने वाले प्रदेश के 129 अध्ययन केंद्रों पर कड़ा संज्ञान लिया है। अनिवार्य होने के बावजूद इन संस्थानों द्वारा पर्सनल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम कक्षाएं आयोजित न करने पर बोर्ड ने अल्टीमेटम जारी कर दिया है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में सभी अध्ययन केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि एसओएस के तहत नव-प्रवेशित और अतिरिक्त विषय लेने वाले छात्रों के लिए पीसीपी कक्षाएं लगाना अनिवार्य हैं, लेकिन 129 केंद्रों ने न तो निर्देशों का पालन किया और न ही बोर्ड मुख्यालय को कोई रिपोर्ट भेजी। बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि सभी केंद्र तत्काल प्रभाव से पात्र परीक्षार्थियों के लिए कक्षाएं आयोजित करें और बिना किसी देरी के इसकी रिपोर्ट कार्यालय को भेजें। यदि इन केंद्रों ने तुरंत कक्षाएं लगाकर रिपोर्ट नहीं सौंपी, तो संबंधित संस्थानों का परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा और इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी संबंधित अध्ययन केंद्र की ही होगी।
इसके साथ ही बोर्ड ने एसओएस जमा दो कक्षा के डायरैक्ट साइंस स्ट्रीम के परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र आबंटित करते समय परीक्षा केंद्रों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पंजीकृत परीक्षार्थियों को उनके विषयों के अनुरूप केवल एसओएस डायरैक्ट के निर्धारित फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं मैथमैटिक्स विषयों के ही प्रश्न पत्र आबंटित किए जाएं। वितरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही को गंभीर मामला मानते हुए संबंधित परीक्षा केंद्र के केंद्र अधीक्षक एवं प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बोर्ड ने सभी संबंधित संस्थानों को इस मामले को 'अति आवश्यक' मानते हुए आदेशों की त्वरित अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि सभी अध्ययन केंद्रों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि छात्रों के लिए पीसीपी कक्षाएं लगाना अनिवार्य है, लेकिन 129 केंद्रों ने निर्देशों का पालन नहीं किया। छात्रों के शैक्षणिक हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि लापरवाही के कारण किसी छात्र का परिणाम रुका तो इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी संबंधित अध्ययन केंद्र की होगी और डायरैक्ट साइंस स्ट्रीम के प्रश्न पत्र वितरण में लापरवाही बरतने वाले केंद्र अधीक्षकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

