Kangra: दलाईलामा के लद्दाख प्रवास से मैक्लॉडगंज में बर्थडे रौनक गायब

punjabkesari.in Sunday, Jul 05, 2026 - 06:05 PM (IST)

धर्मशाला (सुनील): बौद्ध नगरी मैक्लोडगंज में आज तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा का 91वां जन्मदिन तो मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार वह पारंपरिक रौनक पूरी तरह गायब है जो हर साल देखने को मिलती थी। हर साल महामहिम के जन्मदिन पर विशेष रूप से सात समंदर पार से आने वाले विदेशी पर्यटकों और श्रद्धालुओं का मैक्लॉडगंज में तांता लगा रहता था, लेकिन इस बार विदेशी मेहमानों की भारी कमी के कारण पर्यटन नगरी पूरी तरह सूनी नजर आ रही है। विशेषकर दलाई लामा टेंपल के पास के क्षेत्र, जो हमेशा विदेशी सैलानियों से गुलजार रहते थे, वहां इस बार सन्नाटा पसरा है।

महामहिम दलाईलामा इस बार धर्मशाला में मौजूद नहीं हैं और अपना जन्मदिन लद्दाख में मना रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में अपने घुटने का इलाज करवाने के बाद वे सीधे लद्दाख दौरे पर चले गए थे। धर्मगुरु के धर्मशाला में न होने का साफ असर जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले रविवार को मैक्लॉडगंज के बाजारों में देखने को मिला। जहां हर साल जन्मदिन की पूर्व संध्या पर पूरा मैक्लॉडगंज पैक रहता था, वहीं इस बार सड़कें और बाजार सूने नजर आ रहे हैं। धर्मगुरु दलाईलामा के लद्दाख में होने का सबसे बड़ा झटका मैक्लॉडगंज के पर्यटन, होटल और स्थानीय परिवहन कारोबार को लगा है। इस साल महामहिम दलाई लामा का जन्मदिन धर्मशाला में न मनाए जाने के कारण पर्यटन कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

धर्मशाला होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन अध्यक्ष अश्वनी बाम्बा का कहना है कि पिछले वर्षों में दलाई लामा के जन्मदिन से करीब एक से डेढ़ महीने पहले ही मैक्लॉडगंज खासकर दलाई लामा टेंपल के नजदीक सभी होटल फुल हो जाते थे। इनमें अधिकतर विदेशी पर्यटक होते थे, जो विशेष रूप से महामहिम के जन्मदिन के लिए ही यहां आते थे। इसके चलते भागसूनाग जैसे क्षेत्रों में भी ऑक्यूपेंसी 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच जाती थी। लेकिन इस बार कोई नई बुकिंग नहीं आई है और मौजूदा ऑक्यूपेंसी महज 30 से 40 प्रतिशत पर सिमट कर रह गई है। बाजार पूरी तरह शांत है।

 


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Kuldeep

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