Mandi News: 40 साल बाद कमरूनाग के दरबार में हाजिरी भरेंगे देव बालाटिका लेह, पवित्र झील में लगाएंगे डुबकी

punjabkesari.in Sunday, Aug 02, 2026 - 04:12 PM (IST)

गोहर (ब्यूरो): मंडी जिले की सराज घाटी में एक बार फिर प्राचीन देव परंपरा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। घाटी के आराध्य देव बालाटिका लेह लगभग 40 वर्षों के एक बहुत लंबे अंतराल के बाद बड़ा देव कमरूनाग के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए निकल पड़े हैं। चार दिनों तक चलने वाली इस ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा को लेकर पूरे सराज क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल है।

250 देवलुओं के साथ रवाना हुआ देवता का रथ
देव बालाटिका लेह के गूर ज्ञाने राम ठाकुर ने इस पवित्र यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यह देव यात्रा 2 अगस्त से शुरू होकर 5 अगस्त तक चलेगी। रविवार सुबह देव बालाटिका का भव्य रथ अपनी मूल जगह लेह कोठी से रवाना हुआ। इस दौरान देवता के रथ के साथ करीब 250 देवलू और भारी संख्या में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और देव धुनों के साथ कमरूनाग के दरबार की ओर निकले।

दोनों देवताओं का ऐतिहासिक मिलन होगा मुख्य आकर्षण 
इस यात्रा का मुख्य आकर्षण दोनों देवताओं का ऐतिहासिक मिलन है। देव बालाटिका लेह, बड़ा देव कमरूनाग के दरबार में शीश नवाएंगे और वहां स्थित पवित्र झील में डुबकी लगाकर स्नान करेंगे। गूर ज्ञाने राम ठाकुर के अनुसार 4 अगस्त को कमरूनाग मंदिर परिसर में सभी आवश्यक धार्मिक विधियां और देव परंपराएं पूरी की जाएंगी। इन अनुष्ठानों के संपन्न होने के बाद देवता की वापसी यात्रा आरंभ होगी।

5 अगस्त को वापसी पर होगा पारंपरिक धाम का आयोजन
धार्मिक यात्रा को पूरी करने के बाद देव बालाटिका का रथ 5 अगस्त की सुबह लगभग 11 बजे वापस लेह कोठी पहुंचेगा। देवता के 40 साल बाद इस ऐतिहासिक यात्रा से वापस लौटने की खुशी में एक विशेष आयोजन किया गया है। लेह कोठी पहुंचने पर देवता का भव्य स्वागत किया जाएगा और वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक धाम  का आयोजन होगा।

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Content Writer

Vijay

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