Kangra: सुक्खू को आभास ही नहीं कि वह मुख्यमंत्री हैं, ऐसा लगता जैसे चला रहे हों छात्र संगठन : जयराम
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 06:53 PM (IST)
देहरा (राजीव/सेठी): नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आभास ही नहीं हो रहा कि वह मुख्यमंत्री हैं। ऐसा लगता है कि वह आज भी किसी छात्र संगठन को चला रहे हैं। जयराम रविवार को देहरा में भाजपा के कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान बोल रहे थे। जयराम ने कहा कि इस समय प्रदेश में वित्तीय आपातकालीन लगने की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि 2027 तक प्रदेश पूरी तरह अपने पैरों पर खड़ा होगा। 2032 तक हिमाचल सबसे समृद्ध राज्य होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस फार्मूले को प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि वह किस आधार पर यह बात कहते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का वित्त आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाना समझ से परे है। क्योंकि यह सरकार के अधीन नहीं है। यह स्वायत्त संस्था है। हर काम के लिए संवैधानिक प्रक्रिया होती है। जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री सही तरीके से प्रदेश की बात आगे नहीं रख पाए। वित्त विभाग की ओर से बिजली बोर्ड के निजीकरण की प्रैजैंटेशन के सवाल पर जयराम ने कहा कि उन्हें इस संबंध में पत्र के माध्यम से सूचना दी गई। वह पत्र भी वित्त सचिव ने लिखा था।
यदि मुख्यमंत्री को असल में लग रहा था कि प्रदेश संकट में है तो वह व्यक्तिगत रूप से उनसे बात करते या पत्र लिखते। वह किसी सचिव की चिट्ठी पर आने वालों में से नहीं हैं। प्रदेश हित के बारे में वह सुक्खू से बेहतर समझते हैं। जयराम ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन करने वालों ने व्यवस्था तार-तार कर रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार साफ कर चुकी है कि अब न डीए मिलेगा, न एरियर और न ही सबसिडी मिलेगी। वित्त सचिव तो इतना भी कह चुके हैं कि यह सब करने के बाद भी 7 हजार करोड़ से ज्यादा का अंतर रहेगा।

