Himachal: परिवार से गाली-गलौच कर रहा था पिता! रोकने पर भी नहीं माना...फिर बेटे ने ऐसे ले ली जान
punjabkesari.in Friday, Sep 25, 2026 - 08:18 PM (IST)
पधर/मंडी (किरण): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पधर उपमंडल की ग्राम पंचायत चेली के चेली गांव में एक बेटे ने लकड़ी का काम करने वाले औजार से वार कर अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान मस्त राम पुत्र बुधू राम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने हत्या को हादसा बताकर गुमराह करने की भी कोशिश की, लेकिन मेडिकल जांच में मामले की पोल खुल गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार रात मस्त राम के घर पर कुछ मेहमान आए हुए थे। रात को भोजन करने के पश्चात जब मेहमान अपने घर लौट गए तो मस्त राम घर के आंगन में ही सो गया। बताया जा रहा है कि देर रात मस्त राम परिजनों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौच करने लगा। इस पर आरोपी बेटे दीपक कुमार उर्फ दीपू ने पिता को चुप होकर सोने के लिए कहा। जब मस्त राम नहीं माना तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर बेटे ने आंगन के एक कोने में रखे बैहलू (लकड़ी का काम करने वाला एक धारदार औजार) से पिता के सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
वारदात के बाद परिवार के सदस्यों ने इस अपराध और साक्ष्यों को छिपाने की साजिश रची। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे जब परिजन लहूलुहान मस्त राम को नागरिक अस्पताल पधर लेकर पहुंचे, तो उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि वह गिर गया था, जिसके कारण उसे चोटें आई हैं। पधर अस्पताल से उसे जोनल अस्पताल मंडी रैफर कर दिया गया। मंडी पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में जब शव की मेडिकल जांच हुई, तो चोटों के निशान देखकर डॉक्टरों को हत्या की आशंका हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मंडी विनोद कुमार, डीएसपी पधर लोकेंद्र नेगी और थाना प्रभारी अनिल कटोच ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही फोरैंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने वारदात से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक के भाई प्रेम सिंह के बयान के आधार पर आरोपी बेटे दीपक कुमार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। एसपी विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि साक्ष्य छिपाने में परिवार के और कौन-कौन लोग शामिल थे।
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