जिला परिषद चुनाव परिणाम: चम्बा में 9 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा, भाजपा 5 में सिमटी, 4 निर्दलीय भी जीते
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 07:43 PM (IST)
चम्बा (काकू चौहान): जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत का परचम लहराया है। वहीं भाजपा को महज 5 ही सीटें हाथ लगी हैं, जबकि 4 प्रत्याशी निर्दलीय जीते हैं। इनमें 2 भाजपा की विचाराधारा से संबंधित हैं, लेकिन चुनावों में आजाद उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे और भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों को पटखनी देते हुए शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने विरोधी दलों को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा सीटों पर कब्जा कर लिया है और बहुमत के आंकड़े के करीब है। ऐसे में कांग्रेस के जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनना लगभग तय है। वहीं भाजपा के हाथों से जिला परिषद की सत्ता फिसलती नजर आ रही है।
जिला चम्बा में जिला परिषद की कुल 18 सीटें हैं। इसमें सरोल, चकलू, खनी, सनवाल, करवाल, बयाणा, किहार, नैनीखड्ड और मोतला वार्ड से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। इसके अलावा भरमौर, करयास, करियां, बनेट व कथेट वार्ड से भाजपा के घोषित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वहीं बख्तपुर, चांजू, जियूंता और गैहरा वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। 2 निर्दलीयों पर भी भाजपा अपना दावा कर रही है। इसमें बख्तपुर वार्ड से विजेता इंदिरा कपूर को गत विधानसभा चुनावों में भाजपा ने चम्बा सदर से टिकट दिया था। हालांकि बाद में टिकट वापस ले लिया था। इसके अलावा जियूंता वार्ड से मीनाक्षी कपूर के भी भाजपा समर्थित होने के दावे किए जा रहे हैं। चांजू वार्ड से विजयी रजनी मल्होत्रा व गैहरा वार्ड से निर्वाचित सुनील शर्मा का फिलहाल किसी को समर्थन नहीं है।
भाजपा ने चुनावों में 16 वार्डों पर प्रत्याशियों की अधिकारिक घोषणा की थी। इसमें 13 वार्डों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों काे हार का सामना करना पड़ा है। रविवार को जिला परिषद के नतीजों की अधिकारिक घोषणा हो गई है। उसके बाद भाजपा की स्थिति घोषित प्रत्याशियों के आधार पर ही तय हो गई है, जबकि कांग्रेस 9 सीटों जीतने का दावा कर रही है। चुनाव परिणाम के हिसाब से कांग्रेस भाजपा से कहीं आगे है। इसके बावजूद निर्दलीयों के समर्थन के बाद ही कुल सीटों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
उधर, 4 निर्दलीयों को अगर भाजपा अपने खेमे में शामिल करने के कामयाब हो जाती है तो भी 9 सीटों तक पहुंच सकती है। इसके बाद सीटें बराबर हो जाएंगी और फिर एक सीट के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो सकती है। बहरहाल कांग्रेस अभी मजबूत स्थिति में है। ऐसे में कांग्रेस के जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद बनना तय है। विगत चुनावों में जिला परिषद की सत्ता भाजपा के हाथ में थी। भाजपा ने जहां 10 से अधिक सीटें जीती थीं, वहीं कांग्रेस 5 ही सीटों पर सिमट गई थी और 1 माकपा तथा 2 निर्दलीय उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे। इस बार ऐसा ही भाजपा के साथ हुआ है।

